
नई दिल्ली। लद्दाख (Ladakh) के एक बहुत दूर-दराज के इलाके में करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई पर चिलिंग त्सो झील (Chilling Tso Lake) मौजूद है. यहां हवा इतनी कम है कि सांस लेना भी मुश्किल होता है और ठंड इतनी कि झील बर्फ में बदल जाती है. 10 जनवरी को तीन लोगों की एक टीम इस पर मुश्किल जगह पर पहुंची. उस दिन बृहस्पति ग्रह (Jupiter) आसमान में सबसे बड़ा और चमकदार (Biggest and Brightest) दिख रहा था. ऐसा तब होता है जब पृथ्वी, सूरज और बृहस्पति के बिल्कुल बीच में आ जाती है।
झील तक कैसे जा सकते हैं?
चिलिंग त्सो तक पहुंचना आसान काम नहीं है क्योंकि यहां जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है बल्कि ऊबड़-खाबड़ और सुनसान रास्तों से होकर जाना पड़तका है. यहां की ठंड हड्डियों को जमा देती है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी बर्फीली हवाओं से होती है. हवा और ठंड इतनी तेज होती है कि पैदल चलना भी भारी पड़ता है और छोटी गलती जानलेवा हो सकती है।
किसने ली ये खास तस्वीर?
इतनी मुश्किलों के बाद जो नजारा दिखा वह कमाल का था. रात के आसमान में बृहस्पति ग्रह सबसे ज्यादा चमक रहा था. उसके साथ ही आसमान में एक धुंधली सी चमक दिखाई दी जिसने ऐसा नजारा बनाया जिसे कभी देखा नहीं गया था. मशहूर फोटोग्राफर दोरजे आंगचुक ने इस नजारे की एक बहुत ही खास फोटो खींची है जिसे कई तस्वीरों को जोड़कर बनाया गया है।
कैसे ली गई ये खास तस्वीर?
इस शानदार फोटो को क्लिक करने के लिए आसमान के 20 अलग-अलग हिस्सों को रिकॉर्ड किया. हर हिस्से की फोटो लेने में एक मिनट का समय लगा जिससे तारों की रोशनी धुंधली न हो. वहीं, नीचे जमी हुई बर्फ की तस्वीरें अलग से ली गईं जिससे फोटो में गहराई और बारीकी साफ दिखे. इसके लिए खास ट्रैकर का इस्तेमाल किया गया जिसे बर्फीली हवाओं के बीच फिसलती बर्फ पर टिकाना बहुत मुश्किल था।
मुश्किलों के बीच आई शानदार तस्वीर
इतनी सारी मुश्किलों के बाद जो आखिरी तस्वीर सामने आई वह ब्रह्मांड का एक अनोखा नजारा पेश करती है. यह तस्वीर लद्दाख के उस साफ और अंधेरे आसमान से ली गई है जो अब दुनिया में बहुत कम जगहों पर बचा है. यह फोटो वैज्ञानिक की कड़ी मेहनत. हिम्मत और कुछ नया खोजने के जुनून का नतीजा है।
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