
उज्जैन। भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा यात्रा 16 जुलाई को पूरे धार्मिक उत्साह के साथ निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथों पर सवार होकर निकलेंगे। इसकी तैयारियां की जा रही है।
प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, श्रीकृष्ण पाथेय और इस्कॉन मंदिर प्रबंधन मिलकर किए जाने वाले आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा में मुख्यमंत्री के भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार रथयात्रा का शुभारंभ दोपहर 1:30 बजे इंदिरा नगर चौराहे से होगा। दोपहर 2 बजे श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचेंगे। इस बार भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा तीन अलग-अलग सुसज्जित रथों में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा इंदिरा नगर से शुरू होकर नगर निगम, कोयला फाटक, चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज ओवरब्रिज, टावर चौक, तीन बत्ती चौराहा और देवास रोड से होते हुए शाम करीब 6:30 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ पहुंचेगी। रथयात्रा को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा में ढोल-ताशे, भजन-कीर्तन मंडलियां, पारंपरिक धार्मिक झांकियां, सजे-धजे घोड़े, बग्घियां और जनजातीय लोकनृत्य दल श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। पूरे मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा स्वागत, पुष्पवर्षा और सेवा कार्य भी किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ की भक्ति के साथ समाज में प्रेम, भाईचारा और समरसता का संदेश देना है। रथयात्रा के समापन के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा महारानी सात दिनों तक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में बनाए गए अस्थायी गुंडीचा मंदिर में विराजमान रहेंगे। इस दौरान प्रतिदिन आरती, छप्पन भोग, भजन संध्या, प्रवचन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 24 जुलाई को भगवान की वापसी रथयात्रा शोधपीठ से इस्कॉन मंदिर के लिए निकाली जाएगी। इधर इस्कॉन उज्जैन ने रथयात्रा के महत्व को देखते हुए 16 जुलाई को उज्जैन में स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजकर आग्रह किया गया है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस धार्मिक महोत्सव में शामिल हो सकें।
आयोजन समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष रथयात्रा में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और पूरा शहर भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा।
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