
मुंबई । महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए (To draft the UCC) सात सदस्यीय समिति बनाई (Has constituted Seven-member Committee) ।
सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि समिति के सदस्यों के नाम भी तय कर दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति समान नागरिक संहिता से जुड़े सभी कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेगी। इसके अलावा विभिन्न हितधारकों के सुझावों और आवश्यक पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशों के साथ रिपोर्ट तैयार करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। सरकार का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर समान नागरिक संहिता का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी नागपुर शीतकालीन विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक पेश करना है। सरकार की कोशिश रहेगी कि यह विधेयक विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में प्रस्तुत किया जाए और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इसे पारित कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है, ताकि यूसीसी को लागू करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों से जुड़े कानूनों में सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करना है। महाराष्ट्र सरकार की इस पहल को राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब समिति की रिपोर्ट और आगामी शीतकालीन सत्र में सरकार की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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