
नई दिल्ली । पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab And Haryana High Court) ने पानीपत (Panipat)के किसानों को राहत देते हुए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़े एक मामले में मुआवजे (Compensation) की राशि बढ़ा दी है। अदालत( Highcourt) ने पानीपत के सिवाह गांव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन का उचित बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया है। इससे पहले भूमि अधिग्रहण कलेक्टर (Acquisition Collector)ने इसी जमीन के लिए 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया था।
यह मामला 25 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा था। इसके लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा चार के तहत 28 फरवरी 2013 को अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद 26 सितंबर 2013 को भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया था।
मुआवजे की इस राशि से असंतुष्ट जमीन मालिकों ने इसे बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद मामले को संदर्भ अदालत के समक्ष रखा गया। संदर्भ अदालत ने 23 जनवरी 2017 को जमीन का बाजार मूल्य बढ़ाकर 64 लाख 64 हजार 102 रुपये प्रति एकड़ कर दिया था।
इसके बाद मुआवजे को लेकर मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अदालत के समक्ष जमीन मालिकों की ओर से वर्ष 2010 से 2014 के बीच हुए कई बिक्री विलेख पेश किए गए। इन दस्तावेजों में कुछ जमीनों की बिक्री एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक की कीमत पर होने की जानकारी सामने आई।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने माना कि जब संबंधित क्षेत्र में जमीन की वास्तविक बिक्री के विलेख उपलब्ध हों, तो पुराने अवार्ड को सीधे और यांत्रिक तरीके से आधार बनाकर बाजार मूल्य निर्धारित करना उचित नहीं है। अदालत ने तुलनीय बिक्री विलेखों को भी मूल्यांकन में ध्यान में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अदालत ने पाया कि उपलब्ध बिक्री विलेख जमीन के बाजार मूल्य का आकलन करने के लिए प्रासंगिक थे। ऐसे में पुराने मुआवजा अवार्ड को ही आधार मानना उचित नहीं था। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अधिग्रहित जमीन का उचित बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित कर दिया।
इस मामले में राज्य सरकार और जमीन मालिकों की ओर से कई अपीलें दायर की गई थीं। इन अपीलों पर हाई कोर्ट ने साझा फैसला सुनाया। फैसले के बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अधिग्रहित सिवाह गांव की जमीन के मुआवजे का मूल्यांकन 78 लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर किया जाएगा।
मामले में अदालत के सामने मुख्य सवाल अधिग्रहित जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य के निर्धारण का था। हाई कोर्ट ने उपलब्ध बिक्री विलेखों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि तय की। इस तरह 2013 में निर्धारित 40 लाख रुपये प्रति एकड़ की शुरुआती राशि और बाद में संदर्भ अदालत द्वारा तय 64 लाख 64 हजार 102 रुपये प्रति एकड़ के मुकाबले हाई कोर्ट ने बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया।
फैसले में तुलनीय जमीन की वास्तविक बिक्री से जुड़े दस्तावेजों को महत्व दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे दस्तावेज उपलब्ध होने की स्थिति में पुराने अवार्ड को बिना स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार बनाना उचित नहीं है। इस फैसले से सिवाह गांव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे का मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ तय हो गया है।
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