
वाशिंगटन. अमेरिका (US) में 9/11 आतंकी हमले (9/11 terror attacks) के 25 साल (25 years) बाद इसकी जांच से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है. एक जांच में ओमर अल-बायूमी (Omar al-Bayoumi) से जुड़ी ऐसी वीडियो फुटेज मिली है, जो पहले सार्वजनिक नहीं हुई थी.
इस फुटेज में बायूमी अल-कायदा के भविष्य के नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ नजर आ रहा है. दोनों सैन डिएगो के पास पेंटबॉल खेलते भी दिखाई दे रहे हैं. फुटेज में सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी के भी मौजूद होने की बात सामने आई है. दरअसल, बायूमी का नाम 9/11 हमले के बाद एफबीआई की जांच के दायरे में आया था. उस पर हमले के दो आरोपियों की मदद करने का शक था. बायूमी ने हमेशा खुद को चरमपंथी या सऊदी जासूस होने के आरोपों से इनकार किया. सऊदी अरब ने भी 9/11 हमले में अपनी सरकार या अधिकारियों की किसी भूमिका से इनकार किया है.
बायूमी 1994 में सऊदी अरब से सैन डिएगो पहुंचा था. उसने दावा किया था कि वह अंग्रेजी पढ़ने के लिए अमेरिका आया है. बाद में सामने आए दस्तावेजों के मुताबिक उसने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. वह धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में शामिल था. इस जांच रिपोर्ट के मुताबिक 1997 या 1998 की शुरुआत की एक वीडियो में बायूमी, अवलाकी और कुछ अन्य लोग सैन्य शैली के पेंटबॉल खेल में हिस्सा लेते दिखाई देते हैं. कुछ लोगों ने आर्मी जैसे कपड़े पहन रखे थे. खेल के दौरान कुछ लोग धार्मिक नारे लगाते हुए भी नजर आए.
9/11 हमले के बाद एफबीआई जांच में शामिल अधिकारियों को बताया गया था कि कुछ लोग इन पेंटबॉल सेशनंस का इस्तेमाल जिहाद की ट्रेनिंग के लिए करते थे. अवलाकी के भी उस समय अल-कायदा से जुड़े लोगों के साथ संपर्क होने की बात सामने आई थी. एक अन्य वीडियो में जनवरी 1998 में बायूमी और अवलाकी एक-दूसरे को गले लगाते दिखाई देते हैं.
सऊदी अधिकारियों से थे संदिग्ध के संबंध
जांच में बायूमी के सऊदी अधिकारियों और धार्मिक लोगों से संबंधों की भी जानकारी सामने आई. इनमें सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़े लोग शामिल थे. बीबीसी की जांच के मुताबिक FBI अधिकारियों ने इन संबंधों को लेकर सऊदी अधिकारियों से पूछताछ करने की कोशिश भी की थी. हालांकि उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली.
बायूमी का नाम इसलिए भी जांच में आया क्योंकि उसका नाम एक अपार्टमेंट के किराए के समझौते में मिला था. यह समझौता नवाफ अल-हाजमी और खालिद अल-मिहधर ने किया था. दोनों 9/11 हमले के 19 किडनैपर्स में शामिल थे. बाद में दोनों ने पेंटागन पर हुए हमले में हिस्सा लिया था.
9/11 हमले के कुछ दिनों बाद बायूमी ब्रिटेन के बर्मिंघम चला गया था. 21 सितंबर 2001 को उसे ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार किया. उसके ठिकानों की तलाशी ली गई. इस दौरान हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और कम से कम 80 वीडियो टेप बरामद किए गए.
इन दस्तावेजों में एक नोटबुक का पन्ना भी मिला था. इसमें एक प्लेन का स्केच था. इतना ही नहीं प्लेन की ऊंचाई और किसी लक्ष्य से दूरी से जुड़े गणितीय हिसाब लिखे थे. 9/11 पीड़ित परिवारों की कानूनी टीम ने इसे बेहद अहम सबूत बताया.
बीबीसी के मुताबिक इस स्केच की कॉपी लंदन में FBI अधिकारियों तक पहुंची थी. लेकिन ब्रिटिश पुलिस ने बायूमी से पूछताछ करने वाले कुछ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी. सैन डिएगो में मौजूद कुछ एफबीआई जांचकर्ताओं और 9/11 आयोग के साथ भी यह सबूत साझा नहीं किया गया.
सैन डिएगो के एफबीआई अधिकारियों ने ब्रिटेन में जब्त किए गए सबूत हासिल करने की कई बार कोशिश की. लेकिन उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिल सकी. जांच से जुड़े एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक अगर ये सबूत समय पर मिल जाते तो जांचकर्ता कई अहम कड़ियों को जल्दी जोड़ सकते थे.
न्याय विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने भी कहा कि बायूमी जांच में आरोप लगाए जाने की संभावनाओं वाले अहम संदिग्धों में था. उनके मुताबिक विमान का स्केच महत्वपूर्ण सबूत हो सकता था. उन्होंने पेंटबॉल वाली वीडियो को भी अहम बताया.
हालांकि बायूमी पर कभी कोई आरोप तय नहीं हुआ. उसने 9/11 हमले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है. एफबीआई के मुताबिक 11 सितंबर 2001 के हमलों में 2,976 लोगों की मौत हुई थी. सऊदी अरब पहले भी इन आरोपों को पूरी तरह गलत बता चुका है. बीबीसी की रिपोर्ट पर FBI ने टिप्पणी करने से इनकार किया.
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