
नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा (Noida), फरीदाबाद (Faridabad) और बुलंदशहर (Bulandshahr) के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों (श्रमिकों ) का विरोध प्रदर्शन (Protest) अचानक हिंसक हो गया। कई जगहों पर आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन घटनास्थलों की तस्वीरें नुकसान की गंभीरता को दर्शा रही हैं—सड़कों पर पत्थर, जली गाड़ियां और टूटी इमारतें साफ दिखाई दे रही हैं।
पुलिस ने इस पूरे मामले को सुनियोजित साजिश मानते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 300 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। साथ ही 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं और माहौल बिगाड़ने में भूमिका निभाने वाले 7 व्हाट्सएप ग्रुप्स की साइबर टीम जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग श्रमिक नहीं, बल्कि साजिश के तहत भेजे गए उपद्रवी थे।
सोशल मीडिया से भड़की हिंसा
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक जानकारी ने प्रदर्शन को उग्र बनाया। दो अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फर्जी पोस्ट में पुलिस फायरिंग में मौतों का दावा किया गया था, जिसे प्रशासन ने गलत बताया।
प्रशासन सख्त, पुलिस अलर्ट मोड पर
घटना के बाद नोएडा पुलिस की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। कई इलाकों में फ्लैग मार्च और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। गाजियाबाद और आसपास के जिलों में भी पुलिस अलर्ट पर है।
सीएम योगी की अपील और बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की और श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के साथ है और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही लोगों से अफवाहों से दूर रहने को कहा गया।
उच्चस्तरीय जांच और कमेटी गठित
घटना की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई गई है, जो श्रमिकों और उद्योगों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने में जुटी है। श्रमिकों की पांच में से चार मांगें मान ली गई हैं, जबकि बाकी पर विचार जारी है।
हिंसा के पीछे बाहरी तत्वों की भूमिका
पुलिस और खुफिया एजेंसियों को जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ बाहरी और संदिग्ध तत्वों ने प्रदर्शन को भड़काया। करीब 150 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कुछ पर केवल आगजनी करने के आरोप हैं।
अन्य जिलों में भी असर
बुलंदशहर और गाजियाबाद में भी मजदूरों ने वेतन वृद्धि और सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। कई जगह जाम की स्थिति बन गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन तनाव बरकरार
फिलहाल सभी संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है। अफवाह फैलाने वालों और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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