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पुराने कपड़ों से पोछा लगाना क्यों माना जाता है अशुभ? वास्तु शास्त्र में बताए गए महत्वपूर्ण संकेत

May 30, 2026

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर की साफ-सफाई को केवल स्वच्छता का हिस्सा नहीं बल्कि ऊर्जा संतुलन से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य माना गया है। मान्यता है कि जिस घर में नियमित और सही तरीके से सफाई की जाती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवाह बना रहता है और धन की देवी लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) की कृपा भी बनी रहती है। इसके विपरीत, सफाई से जुड़ी गलत आदतें घर के वातावरण को प्रभावित कर सकती हैं और आर्थिक स्थिति (Financial Situation) पर भी नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पोछा लगाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कपड़ों का विशेष महत्व होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई लोग पुराने या इस्तेमाल किए गए कपड़ों जैसे टी-शर्ट, शर्ट या अन्य वस्त्रों का उपयोग पोछा लगाने के लिए करते हैं, लेकिन यह आदत शुभ नहीं मानी जाती। मान्यता है कि ऐसे कपड़ों से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और धीरे-धीरे वातावरण में नकारात्मकता बढ़ने लगती है। इसका असर परिवार की आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति पर भी पड़ सकता है।

वास्तु शास्त्र में कपड़ों को ऊर्जा से जुड़ा हुआ माना गया है और ज्योतिषीय दृष्टि से इन्हें शुक्र ग्रह से भी जोड़ा जाता है। शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि, वैभव और धन का कारक माना जाता है। कहा जाता है कि यदि घर में ऐसे कपड़ों का उपयोग सफाई के लिए किया जाए, जिनमें पहले से नकारात्मक ऊर्जा या उपयोग की हुई स्थिति जुड़ी हो, तो इसका प्रभाव शुक्र ग्रह पर भी पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप आर्थिक अस्थिरता और धन संबंधी परेशानियों की संभावना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कपड़ों से केवल भौतिक गंदगी ही नहीं जुड़ी होती, बल्कि उनमें व्यक्ति की भावनात्मक और मानसिक ऊर्जा भी समाहित होती है। ऐसे में जब उन्हीं कपड़ों का उपयोग घर की सफाई में किया जाता है, तो वह ऊर्जा घर के वातावरण में फैल सकती है। इससे घर का माहौल अस्थिर हो सकता है और परिवार के सदस्यों के बीच तनाव या मानसिक अशांति जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

वास्तु नियमों के अनुसार, पोछा लगाने के लिए हमेशा साफ और विशेष रूप से निर्धारित कपड़ों का ही उपयोग करना चाहिए। सफेद रंग के कपड़ों को इस कार्य के लिए अधिक उपयुक्त माना गया है क्योंकि सफेद रंग को शांति और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस तरह के कपड़ों के उपयोग से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आर्थिक समृद्धि को भी बल मिलता है।

इसके अलावा यह भी सुझाव दिया जाता है कि सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़ों को अलग रखा जाए और उन्हें अन्य किसी कार्य में उपयोग न किया जाए। नियमित रूप से साफ-सफाई और सही विधि का पालन करने से घर का वातावरण संतुलित रहता है और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है।


  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, छोटे-छोटे नियमों का पालन करके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखा जा सकता है और जीवन में स्थिरता व समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सकता है।

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