
इंदौर। अपने पदभार ग्रहण करने से लेकर पिछले दिनों तक महापौर (Mayor) पुष्यमित्र भार्गव (Pushyamitra Bhargava) की विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) के साथ जबरदस्त जुगलबंदी रही, जो अब टूट गई है और इसका खुलासा दो दिन पूर्व ही खुद मंत्री विजयवर्गीय ने अपने उद्बोधन में कर भी दिया था। तंज कसते हुए मंत्री ने कहा कि आज-तक महापौर बहुत व्यस्त रहते हैं और बैठक में भी नहीं आते। दरअसल, महापौर ने भी इंदौर की राजनीति को भांपते हुए पाला बदलकर सीएम की शरण ले ली।
भाजपा की दलगत राजनीति के चलते शहर को कई बार नुकसान उठाना पड़ा है। पहले ताई-भाई और उसके बाद महापौर-मंत्री की जुगलबंदी भी चर्चा में रही है। मगर अब स्थितियां बदली और महापौर को भी लगा कि उन पर जो ठप्पा लगा है उसे हटाना जरूरी है, जिसके चलते कल वे भोपाल जाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मिले और शहर से जुड़े प्रोजेक्टों और योजनाओं को लेकर चर्चा भी की। महापौर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उन्हें शहर विकास के कार्यों को लेकर पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है, साथ ही उन्होंने सोलर ऊर्जा के संबंध में वरिष्ठ अधिकारी मनोज श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। महापौर भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन से इंदौर में स्वास्थ्य, ऊर्जा और आधारभूत विकास से जुड़े प्रोजेक्टों में अब और अधिक गति आएगी। उल्लेखनीय है कि महापौर पिछले दिनों मंत्री द्वारा बुलाई गई पौधारपण से लेकर अन्य बैठकों में मौजूद नहीं रहे, जिसके चलते मंत्री ने महापौर पर तंज कसा, जो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय रहा और शहर की राजनीति को समझने वाले जानकारों ने कहा कि महापौर ने हालांकि इस मामले में देरी कर दी और अपना लम्बा समय गंवा दिया। अगर वे जल्दी ही पाला बदल लेते तो शासन-प्रशासन की पूरी मदद मिलती रहती। हालांकि मुख्यमंत्री इंदौर से जुड़े मामलों में संवेदनशील रहते हैं और आज भी शहर को जिला अस्पताल, अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सहित कई सौगातें दे रहे हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved