
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन से पहले पार्टी के नेताओं पर कानूनी शिकंजा कस गया है। इस्लामाबाद की आतंकवाद विरोधी अदालत (Anti-Terrorism Court) ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी (Chief Minister Mohammad Sohail Afridi) समेत PTI के 25 नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया है। मामला राजधानी के एक पुलिस थाने में दर्ज केस से जुड़ा है।
अदालत ने यह आदेश ऐसे समय दिया है, जब PTI ने 27 सितंबर को देशभर में विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ पहले से विरोध प्रदर्शनों तथा सरकारी संस्थानों के खिलाफ कथित हिंसा से जुड़े कई मामले लंबित हैं।
FIA को दिए पासपोर्ट रोकने के निर्देश
जज अबुल हसनात मुहम्मद जुल्करनैन ने पुलिस की अर्जी मंजूर करते हुए फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को सभी संबंधित नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखने को कहा। अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के जांच अधिकारी ने अदालत में दलील दी कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं। उनके खिलाफ सरकारी संस्थानों पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप होने की बात भी अदालत के सामने रखी गई।
पुलिस की दलील सुनने के बाद अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हुए। जिन नेताओं को अंतरिम जमानत मिली थी, वे भी जांच में अब तक शामिल नहीं हुए हैं। इसके बाद अदालत ने पासपोर्ट ब्लॉक करने की मांग स्वीकार कर ली।
असद कैसर समेत कई सांसदों के नाम
पासपोर्ट ब्लॉक किए जाने वालों में PTI के वरिष्ठ नेता और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर भी शामिल हैं। सूची में सांसद शहराम खान तरकई, शाह अहमद, शेर अली अरबाब, मुहम्मद इकबाल अफरीदी, डॉ. अमजद अली, जुनैद अकबर, शाहिद खट्टक, जुबैर वजीर, अरशद उमरज़ई, जर आलम, मियां उमर और अख्तर खान समेत अन्य नेता शामिल हैं।
पंजाब दौरे पर CM अफरीदी का पुलिस पर आरोप
इधर 27 सितंबर के प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने पंजाब पहुंचे खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनका अपहरण करने की कोशिश की और उनके साथ मारपीट तथा दुर्व्यवहार करने के बाद उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया।
अफरीदी ने कहा कि पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा और यह कोई मामूली या मजाक की बात नहीं है। उन्होंने एक प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे प्रांत की पुलिस के कथित व्यवहार को अस्वीकार्य बताया। मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार से इस घटना पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार करने के बाद उन्हें सड़क किनारे क्यों छोड़ा गया।
प्रदर्शन से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
एक तरफ अदालत ने PTI के 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश दिया है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में 27 सितंबर के प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन से पहले पाकिस्तान में PTI और सरकार के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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