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मणिपुर को मिला 3692 करोड़ का प्रोजेक्ट, राजधानी में बनने जा रहा 25 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

July 01, 2026

नई दिल्ली: पिछले कुछ सालों से मणिपुर हिंसा (Manipur Violence) की आग में जल रहा है, हालांकि इस टेंशन के बीच एक पॉजिटिव खबर आई है. राजधानी इंफाल में एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर कदम बढ़ाया गया है, जिससे ये राज्य अपने अब तक के सबसे बड़े शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक के करीब पहुंच गया है. 3,691.81 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस अहम चार-लेन एलिवेटेड रोड से राज्य की राजधानी में ट्रैफिक के फ्लो बेहतर होने, कनेक्टिविटी मजबूत करने और ट्रांसपोर्ट सिस्टम के मॉडर्नाइज होने की उम्मीद है.

चुनावों से पहले मिलेगी मंजूरी?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को आगे की जांच और लागू करने के लिए नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) को सौंप दिया है. अधिकारियों का मानना ​​है कि मार्च-अप्रैल 2027 में होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनावों से पहले इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल सकती है.

इंफाल के लिए सबसे बड़ी पहल
NHIDCL के अधिकारियों के मुताबिक, MoRTH, NHIDCL और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के बीच नियमित बातचीत के जरिए तकनीकी समीक्षा का काम चल रहा है. इस एलिवेटेड कॉरिडोर को 25 किलोमीटर लंबे स्ट्रक्चर के तौर पर प्लान किया गया है, जो इसे मणिपुर के इतिहास में शहरी सड़क विकास की सबसे बड़ी पहल बनाता है.


  • कई सालों से चल रही प्लानिंग
    इस प्रोजेक्ट का प्रपोजल मूल रूप से 2020 में मणिपुर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इंफाल से गुजरने वाले नेशनल हाईवेज पर बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए दिया था. 2021 में कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद, DPR पूरी की गई और 2022 के आखिर में इसे सब्मिट किया गया.

    कॉरिडोर कहां से गुजरेगा?
    प्रपोजल के तहत, कॉरिडोर NH-02 पर कोइरेंगेई जंक्शन से शुरू होगा और राजभवन रोटरी के पास दो हिस्सों में बंट जाएगा. एक हिस्सा NH-102 के जरिए मणिपुर यूनिवर्सिटी की तरफ जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा NH-02 के जरिए इंफाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा. इसमें CM ट्रैफिक रोटरी और सिटी कन्वेंशन सेंटर को जोड़ने वाला एक अलग दो-लेन का फ्लाईओवर भी शामिल है.

    ट्रैवल टाइम घटेगा
    इस एलिवेटेड रोड से शहर में यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है, जिससे निवासियों, छात्रों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए रोजाना का आना-जाना आसान हो जाएगा. ट्रैफिक मूवमेंट बेहतर होने से ईंधन की खपत और गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण भी कम हो सकता है.

    नितिन गडकरी ने किया सपोर्ट
    ये प्रोजेक्ट मणिपुर के लिए केंद्र के 15,000 करोड़ रुपये के नेशनल हाईवे विकास पैकेज का हिस्सा है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव के लिए अपना समर्थन दोहराया है और राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और लंबे समय तक चलने वाले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के कमिटमेंट पर जोर दिया है.

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