
नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र (Astrology)में मंगल (Fortunate)को साहस ऊर्जा पराक्रम भूमि (Land of Energy and Valor)और शक्ति का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल की चाल में बदलाव का असर अलग अलग राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिल सकता है। 18 सितंबर 2026 को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। कर्क मंगल की नीच राशि मानी जाती है। मंगल अग्नि तत्व से जुड़े ग्रह हैं जबकि कर्क जल तत्व की राशि है। ऐसे में इस अवधि में मंगल की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है और इसका प्रभाव भावनात्मक तनाव गुस्सा पारिवारिक विवाद और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों के रूप में सामने आ सकता है। मंगल 12 नवंबर तक कर्क राशि में रहेंगे। इस दौरान पांच राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं। कर्क राशि में मंगल का प्रवेश आपके चौथे भाव में होगा। यह भाव सुख सुविधा माता घर और संपत्ति से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान घर परिवार में किसी बात को लेकर तनाव बढ़ सकता है। संपत्ति से जुड़े मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है। माता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। मानसिक बेचैनी बढ़ने की संभावना रहेगी। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा क्योंकि जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है।
मिथुन राशि के लिए मंगल का गोचर दूसरे भाव में होने जा रहा है। यह भाव धन परिवार और वाणी से संबंधित होता है। इस अवधि में बोलचाल के कारण रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है। गुस्से में कही गई बात विवाद को बढ़ा सकती है। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है और इसका असर आर्थिक बजट पर पड़ सकता है। निवेश से जुड़े फैसले सोच समझकर लेने होंगे। खानपान में लापरवाही से भी परेशानी हो सकती है।
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है क्योंकि मंगल आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल लग्न भाव में नीच स्थिति में रहेंगे। इस दौरान स्वभाव में चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ सकता है। छोटी बातों पर तनाव लेने से मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी जरूरी होगी। रक्तचाप और रक्त से जुड़ी परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। परिवार में बहस से बचना और जल्दबाजी में बड़े फैसले नहीं लेना बेहतर रहेगा।
सिंह राशि वालों के लिए मंगल बारहवें भाव में गोचर करेंगे। यह भाव खर्च नुकसान और अनावश्यक भागदौड़ से जुड़ा होता है। इस दौरान अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। जमीन जायदाद से जुड़े पुराने विवाद फिर सामने आ सकते हैं। कानूनी मामलों में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। बिना सोचे समझे किसी विवाद में पड़ना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल आठवें भाव में गोचर करेंगे। यह स्थिति अचानक आने वाली परेशानियों और गुप्त मामलों से जुड़ी मानी जाती है। स्वास्थ्य में अचानक उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वाहन मशीनरी या जोखिम वाले काम करते समय विशेष सतर्कता बरतनी होगी। कार्यक्षेत्र में विरोधी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। धन के लेनदेन में भी सावधानी रखना जरूरी होगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। हनुमान जी को लाल सिंदूर अर्पित करने की भी परंपरा है। जरूरतमंद व्यक्ति को तांबा गुड़ लाल वस्त्र या मसूर की दाल का दान किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि इस अवधि में क्रोध पर नियंत्रण रखें विवादों से दूरी बनाएं और किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।
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