नई दिल्ली। रूस के सुदूर पूर्वी (Far East of Russia) इलाके में बुधवार, 26 अगस्त को एक केमिकल कॉम्प्लेक्स (Chemical Complex) में लगी भीषण आग (Massive fire) ने भारी तबाही मचा दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 150 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में दो चीनी नागरिक और एक रूसी नागरिक शामिल हैं। घायलों में से 24 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को मामूली चोटें आने की जानकारी है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, हादसा जिस केमिकल कॉम्प्लेक्स में हुआ, वह रूसी कंपनी सिबुर और चीन की तेल एवं गैस कंपनी सिनोपेक का संयुक्त प्रोजेक्ट है। यह परियोजना पॉलीइथाइलीन और पॉलीप्रोपाइलीन के उत्पादन से जुड़ी है और इसे दुनिया की बड़ी उत्पादन परियोजनाओं में गिना जाता है। हालांकि, हादसे के समय इस परिसर में व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं हुआ था।
रूस में बड़े औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए विदेशी श्रमिकों की भागीदारी आम रही है। इनमें चीन समेत कई देशों के कामगार शामिल होते हैं। इस हादसे में भी दो चीनी नागरिकों की मौत ने विदेशी श्रमिकों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है।
घटना के बाद परियोजना प्रबंधन की ओर से बताया गया कि परिसर में आग पर काबू पाने का काम जारी रहा। विशेषज्ञों ने परिसर में मौजूद बची हुई औद्योगिक गैसों को नियंत्रित तरीके से जलाने की प्रक्रिया भी शुरू की, ताकि आगे किसी बड़े खतरे की आशंका को कम किया जा सके।
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए रूसी अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जांच समिति के अनुसार, मामले को औद्योगिक सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारी आग लगने की वजह और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और सुरक्षा मानकों की जांच में जुटी हैं। हादसे के बाद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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