नई दिल्ली। अमेरिका और कनाडा (America and Canada) के बीच चल रहा व्यापार विवाद अब और गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति (Donald Trump’s tariff policy) के जवाब में कनाडा ने अमेरिका से आयात होने वाले 700 से अधिक उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया है। इन सामानों की कुल कीमत करीब 20 अरब डॉलर बताई जा रही है। नए टैरिफ 8 सितंबर से लागू होंगे और कुछ उत्पादों पर शुल्क की दर 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
कनाडा की नई टैरिफ सूची में अमेरिकी स्टील, डेयरी उत्पाद, बिजली के उपकरण, कृषि से जुड़े सामान, फर्नीचर, कपड़े, मछली और समुद्री भोजन के अलावा कॉस्मेटिक्स और टॉयलेट पेपर जैसे रोजमर्रा के उत्पाद भी शामिल हैं।
कुछ स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों, फर्नीचर और कपड़ों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं बिजली के उपकरण, डेयरी उत्पाद, पनीर, मछली और समुद्री भोजन तथा कुछ अन्य स्टील-एल्युमिनियम उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला किया गया है।
कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन ने कहा कि कनाडा ने व्यापार टकराव की शुरुआत नहीं की है, लेकिन अगर आर्थिक संबंधों को दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है तो कनाडा को अपने हितों की रक्षा करनी होगी।
सरकार का कहना है कि इन टैरिफ का मकसद राजस्व बढ़ाना नहीं है। इसका उद्देश्य कनाडाई कंपनियों और कर्मचारियों को अमेरिकी व्यापार नीतियों के असर से बचाना और अमेरिकी उत्पादों पर निर्भरता कम करना है।
कनाडा का यह कदम ट्रंप प्रशासन की ओर से कनाडाई सामान पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के बाद आया है। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता के विफल होने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका पर दबाव बनाने और कनाडा के प्रमुख उद्योगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
इसके जवाब में ट्रंप ने सोमवार को कनाडा से अमेरिकी मांगों के सामने झुकने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर अमेरिका की ओर से और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रंप ने कनाडा की कारों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर भी नए 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
व्यापार विवाद के बीच ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने पर विचार करने की बात भी कही है। उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और चर्चा में ला दिया।
कनाडा सरकार ने व्यापार विवाद से प्रभावित कर्मचारियों और कारोबारियों की मदद के लिए 7.5 अरब कनाडाई डॉलर के सहायता पैकेज की घोषणा की है। सरकार के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से व्यापार विवाद से जुड़े राहत उपायों पर अब तक 30 अरब कनाडाई डॉलर से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
अमेरिका और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं बेहद गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। ऐसे में यदि टैरिफ की लड़ाई लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका असर दोनों देशों के उद्योगों, कंपनियों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
कनाडा के ताजा जवाबी टैरिफ के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि ट्रंप प्रशासन इसकी प्रतिक्रिया में क्या कदम उठाता है। इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच चल रहा व्यापार युद्ध और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
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