
मुंबई । एमएलसी सचिन अहीर (MLC Sachin Ahir) महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council) के निर्विरोध उप-सभापति चुने गए (Elected unopposed as Deputy Chairman) । वे ठीक एक दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) का दामन छोड़ कर एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो गए थे।
विपक्ष के महा विकास अघाड़ी (एमवीए) उम्मीदवार जे.एम. अभ्यंकर द्वारा ऊपरी सदन की पारंपरिक परंपराओं का पालन करते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बाद यह निर्विरोध चुनाव संभव हो सका । विपक्ष की चुनौती हटने के बाद, इस संवैधानिक पद पर अहीर के चुनाव की औपचारिक घोषणा की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के साथ-साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने अहीर को उनके चुनाव पर बधाई दी और शुभकामनाएं दीं।
यह चुनाव 24 घंटे से भी कम समय पहले हुए एक बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद हुआ है, जब विधान परिषद (एमएलसी) के प्रमुख सदस्य और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी अहीर ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट का दामन थाम लिया था। अहीर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था।
अहीर का इतनी तेजी से उप-सभापति पद पर पहुंचना उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) खेमे के लिए एक और बड़ा झटका है, जिसके हाल ही में छह लोकसभा सांसदों ने पाला बदल लिया था। चूंकि अहीर मूल रूप से जुलाई 2022 में संयुक्त शिवसेना के ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न पर विधान परिषद के लिए चुने गए थे। जिसे अब शिंदे गुट के साथ मान्यता प्राप्त है। इसलिए इस बदलाव से दल-बदल विरोधी अयोग्यता की कार्यवाही शुरू होने का खतरा नहीं है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि नगर निकाय समन्वय, विधायी मामलों और मुंबई की मजदूर संघ राजनीति में अहीर का व्यापक अनुभव ऊपरी सदन में महायुति गठबंधन के कामकाज को काफी मजबूत करेगा, वहीं विपक्षी एमवीए के नेताओं ने संकेत दिया कि अपने उम्मीदवार को वापस लेने का निर्णय राज्य विधानमंडल की गरिमा और सहयोगपूर्ण परंपराओं को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था।
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