
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई (Congress MP Gaurav Gogoi) ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रति (About reforms in the Education Sector) मोदी सरकार गंभीर नहीं है (Modi Government is not Serious) ।
लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस संशोधन बिल को पढ़ने के बाद साफ है कि यह सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रति गंभीर नहीं है। यह महज दिखावे का बिल है। उन्होंने याद दिलाया कि दो साल पहले सरकार ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ लाया था, फिर भी यूजीसी और नीट 2024 परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे इंस्टाग्राम रील्स पर ध्यान देते हैं, जबकि पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा सुधार, पेपर लीक, कोचिंग माफिया और सीबीएसई की ओएमआर शीट पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी। गोगोई ने दावा किया कि शिक्षा क्षेत्र में लापरवाही के कारण एक लाख से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली ।
गोगोई ने कहा कि “एनटीए के डीजी को बदला गया, लेकिन चेयरमैन को रखा गया। उनका ब्योरा देख लीजिए। वे एक विशेष संगठन से जुड़े हुए हैं।” गोगोई ने चेयरमैन के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित धांधलियों का भी हवाला दिया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम गुरुद्वारों के संचालकों, वकीलों, स्विगी के माध्यम से खाना भेजने वाले लोगों और आम नागरिकों को धन्यवाद करते हैं जो बच्चों के साथ अपना समर्थन बनाए रखे। गौरव गोगोई ने जोर देकर कहा कि छात्रों के भविष्य को लेकर युवा सड़कों पर उतरे हैं और सरकार को उनकी पीड़ा समझनी चाहिए।
पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि माता-पिता बच्चों को आशीर्वाद देकर प्रदर्शन के लिए भेज रहे हैं, क्योंकि यह उनके भविष्य का सवाल है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “हमने लोकतंत्र की ताकत देखी, वहीं सरकार की क्रूरता भी देखी। पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, पुलिसकर्मी ने एक लड़की को थप्पड़ मारा, महिलाओं को गालियां दीं और उनके कपड़े फाड़े। हम भूलेंगे नहीं। हम गृह मंत्री का जवाब चाहते हैं।”
उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हुई झड़प का जिक्र करते हुए कहा कि हम सरकार की क्रूरता को कभी नहीं भूलेंगे। गोगोई ने पूछा कि किसके आदेश पर पुलिस ने छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर पैलेट गन, आंसू गैस व लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे मामले में जवाब चाहते हैं। गोगोई ने पूछा कि पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। उन्होंने बिहार में एके-47 के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। गोगोई ने कहा कि जब धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत ऐसे किया, मानो वे पाकिस्तान से जंग जीतकर आए हों।
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