
नई दिल्ली/भोपाल। मनी लॉन्ड्रिंग मामले (money laundering cases) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पत्रकार राणा अयूब (Journalist Rana Ayub) के 1.77 करोड़ रुपए जब्त किए है. पत्रकार राणा अयूब के 1.77 करोड़ रुपये जब्त किए जाने के बाद ईडी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने कथित तौर पर 3 अभियानों के लिए दिए गए दान का सही उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया। ईडी ने यह कदम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उठाया है।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि राणा अयूब ने कोविड, बाढ़ राहत और प्रवासियों के लिए तीन ऑनलाइन अभियान शुरू किए थे. यह एक तरह की क्राउड फंडिंग थी. उन्हें FCRA की मंजूरी के बिना विदेशी योगदान मिला. हालांकि इनकम टैक्स और ईडी की कार्रवाई के बाद पत्रकार राणा ने विदेशी चंदा वापस कर दिया।
निजी खर्चों के लिए लिया चंदे का इस्तेमाल
विदेशी चंदे की वापसी के बाद भी उनके पास लगभग 2 करोड़ रुपए थे, लेकिन कथित तौर पर केवल 28 लाख रुपए का उपयोग किया गया था. ईडी का कहना हि कि उन्होंने गोवा की यात्रा जैसे निजी खर्चों के लिए चंदे का इस्तेमाल किया।
राणा अयूब ने कथित तौर पर दान के पैसे का उपयोग करके 50 लाख रुपए की फिक्स डिपोजिट (FD) भी की थी. पूछताछ के दौरान उन्होंने ईडी को बताया कि एफडी इसलिए किया गया ताकि उसे कुछ ब्याज मिल सके और एक अस्पताल बनाया. हालांकि बैंक मैनेजर ने राणा अयूब के दावों का कथित तौर पर खंडन किया है।
मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया धमकी देने वाला शख्स
एक तरफ ईडी ने पत्रकार राणा के करोड़ों रुपये जब्त कर लिए हैं. तो दूसरी तरफ उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिद्धार्थ श्रीवास्तव के तौर पर हुई है. श्रीवास्तव ने पत्रकार के काम को लेकर उन्हें चेतावनी दी थी और कहा था कि अगर उन्होंने अपना काम नहीं रोका तो वो उनकी हत्या कर देगा. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सिद्धार्थ ने जान से मारने की धमकी देने के अलावा पत्रकार को अपशब्द भी कहे थे. आरोपी ने एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बना रखा था।
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