
शहडोल। जिला पंचायत सीईओ (District Panchayat CEO) पर आदिवासी महिला सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार और अपशब्दों के प्रयोग का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर जिला सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई और तत्काल स्थानांतरण की मांग उठाई, साथ ही एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है।
मामला जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बोडरी का है। यहां की आदिवासी महिला सरपंच गणेशिया बाई का आरोप है कि उनकी पंचायत में बीते करीब चार माह से सचिव पद रिक्त है। सचिव नहीं होने से पंचायत के विकास कार्य, दस्तावेजी प्रक्रिया और ग्रामीणों से जुड़े जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।
इसी समस्या को लेकर वह 6 जुलाई को जिला पंचायत सीईओ से मिलने पहुंची थीं। सरपंच संघ के अनुसार, समस्या सुनने और समाधान करने के बजाय जिला पंचायत सीईओ ने महिला सरपंच से अभद्र भाषा में बात की और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा, आरोप है कि इस दौरान अपशब्दों का भी प्रयोग किया गया। घटना से आहत महिला सरपंच ने अन्य सरपंचों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद जिलेभर के सरपंच एकजुट होकर विरोध में उतर आए।
कलेक्ट्रेट पहुंचे सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि, वह भी आदिवासी महिला सरपंच के साथ इस तरह का व्यवहार प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जिला पंचायत सीईओ का व्यवहार केवल सरपंचों ही नहीं बल्कि कर्मचारियों के प्रति भी ठीक नहीं है।
जिला सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह शिवम ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जिला पंचायत सीईओ का स्थानांतरण नहीं किया गया तो सरपंच संघ काम बंद कर जिला पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेगा। फिलहाल इस पूरे मामले में जिला पंचायत सीईओ का पक्ष सामने नहीं आया है।
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