
सिवनी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी जिले (Seoni district) में एक और पुलिसवाले को घूस लेते गिरफ्तार किया गया है। वह थाने में ही एक ठेकेदार से 75000 रुपए की रिश्वत ले रहा था। इससे पहले हवाला नकदी (Hawala cash) की कथित लूट से जुड़े मामले में घूस लेने के आरोप में बुधवार को एक कांस्टेबल को गिरफ्तार (Constable arrested) किया गया था।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में गुरुवार को एक हेड कांस्टेबल को कथित तौर पर 75000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हेड कांस्टेबल मनीष पटवा की गिरफ्तारी जिले में हवाला नकदी की कथित लूट से जुड़े एक अन्य मामले में एक कांस्टेबल की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता ने बताया कि केवलारी थाने में तैनात पटवा को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त-जबलपुर) अंजूलता पटले ने बताया कि पटवा को थाना परिसर में एक शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 75000 रुपए लेते हुए पकड़ा गया।
इससे पहले उसने शिकायतकर्ता ठेकेदार नितिन पाटकर से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 25000 रुपए लिए थे। ठेकेदार से कुल 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। यह रिश्वत कथित तौर पर 35 लाख रुपए की कंक्रीट सड़क परियोजना में धोखाधड़ी और घटिया काम करने के आरोपी एक अन्य ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए मांगी गई थी। पाटले ने बताया कि पटवा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि महानिदेशक (लोकायुक्त) योगेश देशमुख के निर्देशानुसार भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी राज्य भर में भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही है। उन्होंने बताया कि लोकायुक्त टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
एक दिन पहले हेड कांस्टेबल राजेश जंघेला को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस गश्ती दल ने सिवनी जिले के सिलादेही बाईपास पर 2.96 करोड़ रुपए की हवाला नकदी ले जा रही एक कार को रोका था। लेकिन मामला दर्ज करने के बजाय कार में बैठे लोगों को जाने देने के बाद पैसे को आपस में बांटने का फैसला किया। जंघेला इस मामले में गिरफ्तार होने वाले 11वें आरोपी थे।
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