
ग्वालियर। त्योहारों के सीजन में मुरार जिला अस्पताल (Murar District Hospital) के आउटसोर्स कर्मचारियों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें तीन से छह महीने से वेतन नहीं मिला है। दीपावली से पहले भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक पूरा बकाया नहीं मिलेगा, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में लगातार ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा। कई बार अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक अपनी समस्या पहुंचाई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब त्योहार के मौके पर परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। किराया, राशन और बच्चों की स्कूल फीस तक उधारी से चुकानी पड़ रही है। कुछ परिवारों में फीस जमा नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि कर्ज देने वाले लोग घर पहुंचकर पैसे मांग रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि दीपावली की खरीदारी तो दूर,रोजमर्रा के खर्च के लिए भी जेब में पैसे नहीं बचे हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन मांगने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।कर्मचारियों की एक और शिकायत है कि शासन की ओर से घोषित वेतन वृद्धि का 11 महीने का एरियर और बोनस भी अब तक नहीं मिला है। उनका कहना है कि त्योहार से पहले बकाया वेतन का भुगतान किया जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ दीपावली मना सकें। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू किया है।आउटसोर्स कर्मचारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक उनका पूरा बकाया भुगतान नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में सवाल है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगे इन कर्मचारियों की समस्या का समाधान कब होगा और त्योहार से पहले इन्हें उनका मेहनताना मिल पाएगा या नहीं।
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