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अस्पताल के मलबे से निकाले गए थे मुज्तबा खामेनेई, दावा- तीन अस्पतालों पर हुई थी बमबारी

September 28, 2026

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की स्थिति और ठिकाने को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक नया दावा सामने आया है। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ (New York Post) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली (American and Israeli) हमलों के दौरान तेहरान के एक अस्पताल पर बमबारी के बाद मुज्तबा खामेनेई को मलबे से बाहर निकाला गया था। दावा है कि घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया। मुज्तबा तीसरे अस्पताल में मौजूद थे।

यह दावा ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के सदस्य मोहसेन हैदरी ने कतर के टेलीविजन नेटवर्क ‘अल अरबी’ को दिए एक साक्षात्कार में किया। हैदरी के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई पहले हुए हमले में घायल हुए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद तीन अस्पतालों पर हमले हुए और तीसरे अस्पताल के मलबे से मुज्तबा को निकाला गया।

तीन अस्पतालों पर बमबारी का दावा

मोहसेन हैदरी ने कहा कि मुज्तबा के घायल होने और अस्पताल पहुंचाए जाने के बावजूद तेहरान के तीन अस्पतालों पर बमबारी की गई। उनके मुताबिक, मुज्तबा तीसरे अस्पताल में थे और हमले के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। तब से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं और उनके बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, मलबे से निकाले जाने संबंधी यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।


  • सुप्रीम लीडर चुने जाने की प्रक्रिया पर भी खुलासा

    हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुने जाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, मुज्तबा को कथित तौर पर तब तक यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें सर्वोच्च नेता चुना जा चुका है, जब तक कि ईरानी सरकारी टेलीविजन पर इसकी घोषणा नहीं हुई।

    सर्वोच्च नेता के चयन की जिम्मेदारी निभाने वाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ भी इन हमलों की चपेट में आई थी। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, क़ोम स्थित इसके सचिवालय पर बमबारी में आठ लोगों की मौत हुई और उत्तराधिकारी के चयन से संबंधित रिपोर्ट तथा सिफारिशें नष्ट हो गईं।

    हैदरी के मुताबिक, इसके बाद असेंबली के सदस्यों ने अपने वोट कागज पर लिखे और उन्हें एक गुप्त स्थान पर बैठक के लिए बुलाया गया। उन्होंने दावा किया कि मुज्तबा खामेनेई का नाम प्रस्तावित करने वाले वह पहले सदस्य थे।

    59 में से 50 वोट मिलने का दावा

    हैदरी के अनुसार, चयन प्रक्रिया में मुज्तबा खामेनेई को 59 में से 50 वोट मिले। आठ सदस्यों ने अयातुल्ला अलीरेजा अराफी के पक्ष में मतदान किया, जबकि एक सदस्य ने मतदान नहीं किया।

    हैदरी ने मुज्तबा को ‘परछाई में रहने वाला व्यक्ति’ बताया। उनके अनुसार, सर्वोच्च नेता बनने से पहले मुज्तबा ने ईरानी सरकार में कोई औपचारिक राजनीतिक पद नहीं संभाला था। हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों में उन्हें अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार के तौर पर काम करने वाला बताया गया है।

    स्वास्थ्य को लेकर पहले भी सामने आई थीं अलग-अलग रिपोर्टें

    मुज्तबा खामेनेई की हालत को लेकर पहले भी अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, 28 फरवरी के हमले में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी और मुज्तबा भी घायल हुए थे। इसके बाद उनकी स्थिति को लेकर अटकलें लगती रहीं।

    अमेरिकी खुफिया आकलनों में उनके गंभीर रूप से घायल होने की खबरें सामने आने का दावा किया गया था। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि मुज्तबा खामेनेई जीवित हैं, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल के मलबे से निकाले जाने का नया दावा भी उनकी स्थिति और लंबे समय से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को लेकर जारी सवालों के बीच आया है।

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