पटना। बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने छात्र नेता आकाश यादव (Akash Yadav) के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और उनकी जान को भी खतरा है।
शुक्रवार रात सचिवालय थाना पहुंचे तेज प्रताप यादव ने आकाश यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन सौंपा। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
थाने के बाहर मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि हाल ही में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चार लोग उनके घर में जबरन घुस आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और उनकी हत्या कराने की कोशिश हो सकती है।
तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है और इस संबंध में अदालत में भी आवेदन दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह बिहार सरकार के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
तेज प्रताप यादव का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है। उनका आरोप है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ आकाश यादव ने भी तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी के खिलाफ पाटलिपुत्र थाने में मामला दर्ज कराया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जून महीने में तेज प्रताप कथित तौर पर उनके घर पहुंचे थे और जबरन प्रवेश करने की कोशिश की थी।
आकाश यादव का दावा है कि यह विवाद उनकी बहन अनुष्का यादव और उनकी बेटी को लेकर पैदा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को धमकियां भी मिली हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई है।
तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव से जुड़ा विवाद पिछले वर्ष सोशल मीडिया पर सामने आया था। उस समय दोनों की तस्वीरें वायरल होने के बाद राजनीतिक और पारिवारिक स्तर पर काफी चर्चा हुई थी। बाद में इस मामले को लेकर कई तरह के दावे और प्रतिदावे सामने आए।
इसी विवाद के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और यादव परिवार के भीतर भी तेज प्रताप यादव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि हाल के महीनों में परिवार के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
सचिवालय थाना पुलिस का कहना है कि तेज प्रताप यादव की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और सभी आरोपों की जांच की जाएगी। वहीं दूसरी ओर दर्ज मामलों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में मामले की सच्चाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
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