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अब इंदौर के यशवंत सागर का पानी भी हो गया दूषित

February 23, 2026

  • गंभीर नदी में मिल रहा है उद्योगों का केमिकल वेस्ट और ड्रेनेज का पानी, भोपाल से सरकार ने दी चेतावनी, निगम, पीसीबी, पंचायत ने शुरू किया परीक्षण

इंदौर, डा जितेन्द्र जाखेटिया। शहर के पश्चिमी क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराने वाले यशवंत सागर तालाब का पानी भी दूषित होने लगा है। इस बारे में राज्य सरकार के द्वारा चेतावनी जारी किए जाने के बाद इंदौर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल जाग गए हैं। गंभीर नदी में उद्योगों का केमिकल वेस्ट और ड्रेनेज का पानी मिल रहा है जो की इस तालाब के पानी को दूषित कर रहा है।

पिछले दिनों प्रदेश के नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे के द्वारा लिखा गया एक पत्र जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के पास पहुंचा है। इस पत्र में लिखा गया है कि रामासर साइट के रूप में चयनित किए गए यशवंत सागर का पानी दूषित हो रहा है। इस यशवंत सागर में गंभीर नदी का पानी आकर मिलता है। इस नदी में उद्योगों का केमिकल वेस्ट और कई स्थानों का ड्रेनेज का पानी मिल रहा है। यह पानी जाकर यशवंत सागर में समाहित होता है जिसके चलते हुए यशवंत सागर का पानी भी दूषित होने लगा है।


  • सूत्रों ने बताया कि इस चि_ी के आधार पर कलेक्टर शिवम वर्मा के द्वारा पूरे मामले का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्देश के आधार पर इंदौर नगर निगम की टीम भी सक्रिय हो गई है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि गंभीर नदी पीथमपुर से आती है। ऐसे में पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों का केमिकल वेस्ट इस नदी में मिले जाने की आशंका है। इसके साथ ही रास्ते में आने वाले गांव का ड्रेनेज का पानी भी इस नदी में डाला जा सकता है। इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र लिखकर पीतमपुर के उद्योगों की जांच करने के लिए कहा गया है।

    नियम के अनुसार सभी उद्योगों के द्वारा अपने यहां केमिकल वाटर के ट्रीटमेंट के लिए प्लांट लगाए गए हैं। अब यह देखना होगा कि यह प्लांट बराबर काम कर रहे हैं अथवा नहीं। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल से कहा गया है कि वह ऐसे सभी उद्योगों की जांच कर यह सुनिश्चित करें कि इन उद्योगों के द्वारा तो कहीं केमिकल वेस्ट नदी में नहीं डाला जा रहा है। इसके साथ ही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से कहा गया है कि गंभीर नदी के रास्ते में आने वाले सभी गांव में जांच करवा कर यह देखा जाए की कहीं इन गांव का ड्रेनेज का पानी इस नदी में तो नहीं डाला जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से बहते हुए यशवंत सागर में आने तक इस नदी का पानी बुरी तरह से दूषित हो रहा है।

    अभी समस्या गंभीर नहीं
    नगर निगम के नर्मदा परियोजना के इंजीनियर रोहित राय का कहना है कि गंदा पानी यशवंत सागर के तालाब में आने का मुद्दा हमारे संज्ञान में आया है हमारे द्वारा यशवंत सागर तालाब के पानी की जांच कराई गई है तो ट्रीटमेंट के बाद में वह पानी अभी उपयोग किए जाने लायक स्थिति में है।

    हर दिन होता है 30 एमएलडी का प्रदाय
    इंदौर नगर निगम के द्वारा यशवंत सागर के पानी का पेयजल के रूप में उपयोग किया जाता है। इस तालाब से हर दिन 30 मिलियन लीटर पानी शहर के पश्चिमी क्षेत्र में जलप्रपात के रूप में सप्लाई किया जाता है। ऐसे में इस तालाब के पानी की शुद्धता को लेकर गंभीरता आवश्यक हो गई है। राज्य शासन की ओर से चि_ी आने के बाद अब इंदौर नगर निगम, जिला पंचायत और प्रदूषण नियंत्रण मंडल इस पानी की शुद्धता के लिए सक्रिय हो गए हैं।

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