नई दिल्ली। भारतीय नौसेना (Indian Navy) के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी (Dinesh K Tripathi) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि भारत समुद्र के रास्ते पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई करने से कुछ ही मिनट दूर था, लेकिन उसी समय पाकिस्तान की ओर से हमले रोकने का अनुरोध किया गया।
अलंकरण समारोह में किया खुलासा
नौसेना प्रमुख ने यह बात नौसेना के अलंकरण समारोह के दौरान कही। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान नौसेना पूरी तरह तैयार थी। इस ऑपरेशन में विशिष्ट सेवा देने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा पदक’ से सम्मानित भी किया गया।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। इसके बाद भारत ने 7 मई की आधी रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के अन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इन हमलों में आतंकी संगठनों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
चार दिन बाद बनी सीजफायर पर सहमति
ऑपरेशन के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा और जवाबी कार्रवाई की कोशिशें भी हुईं। हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों ने इन हमलों को विफल कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान के अनुरोध पर चार दिन बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी।
पश्चिम एशिया के हालात पर भी चिंता
एडमिरल त्रिपाठी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। उनके अनुसार, क्षेत्र में 20 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए हैं और करीब 1,900 जहाज फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और नई सैन्य रणनीतियों ने समुद्री सुरक्षा की चुनौतियों को और जटिल बना दिया है। ऐसे में भारतीय नौसेना ने संगठनात्मक फुर्ती, युद्ध तैयारी और परिचालन क्षमता के स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
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