
लाहौर। पाकिस्तान में आर्थिक संकट के बीच अब ईंधन की समस्या भी गहराती जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है, जहां पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सरकार को राशनिंग जैसे कदम पर विचार करना पड़ रहा है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने संकेत दिया है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहा, तो देश में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग लागू की जा सकती है। यानी लोगों को सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जाएगा। फिलहाल सरकार कीमतों में बदलाव और सब्सिडी जैसे ऑप्शन पर काम कर रही है।
राशनिंग का मतलब है किसी जरूरी वस्तु को सीमित मात्रा में बांटना। जब किसी देश में पेट्रोल, खाद्य पदार्थ या गैस की कमी हो जाती है, तो सरकार तय करती है कि हर व्यक्ति को कितनी मात्रा और किस समय पर यह चीजें मिलेंगी। इससे संसाधनों का बराबर वितरण किया जाता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बाधित होने से दुनिया भर में तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। पाकिस्तान, जो आयात पर निर्भर है, इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है। इसी कारण देश में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
हाल ही में पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 480 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचा दी गई थी, हालांकि बाद में इसमें कुछ राहत दी गई। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत भी 520 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जिसे बाद में घटाकर 385 रुपये किया गया। इसके बावजूद आम लोगों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो पाकिस्तान में ईंधन संकट और गहरा सकता है। इससे महंगाई और बढ़ेगी और आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो सकता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved