
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव छात्र सभा में Gen Z और Gen अल्फा के बीच जाएंगे. उन्होंने कहा कि दो हफ्ते के छात्र जागरूकता अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें वह कॉलेज, यूनिवर्सिटी और हॉस्टल जाएंगे. साथ ही उन्होंने सपा के नए यूनिफॉर्म को लेकर भी बात की और कहा कि नए यूनिफॉर्म में नई शुरुआत होगी. अखिलेश यादव ने कहा, यूनिफॉर्म छात्रों में यूनीफॉर्मिलिटी लाता है, यूनिफॉर्म में समानता दिखती है. उन्होंने आगे कहा कि PDA का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी होता है, नई पीढ़ी के लोगों को भी हम जोड़ने का काम करेंगे.
अखिलेश ने कहा, ‘हम न्यू इंडिया बनाने का काम करेंगे. नौजवानों को जोड़ेंगे और उनके आइडिया भी लेंगे. छात्रों से बात करके उनकी राय भी घोषणा पत्र में लेंगे. हम ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज के छात्र संघ से भी सीखेंगे कि कैसे लोकतंत्र को मजबूत करें’. उन्होंने कहा कि अब चुनाव में 100 दिन से भी कम का समय बचा है.
नीली टी-शर्ट पर अखिलेश यादव ने कहा कि ‘अच्छा है आपने नीला को बहुजन समाज और बाबा साहब से जोड़ा. नीला कलर आइडियोलॉजी का कलर है. यह वर्क फॉर्स का रंग है. यह नई पीढ़ी का कलर है’. दरअसल, कई सालों से लाल टोपी समाजवादी पार्टी का सबसे जाना-पहचाना प्रतीक रही है, लेकिन 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ ही सपा प्रमुख ने पार्टी के राजनीतिक मंच में नीला रंग भी जोड़ दिया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, समाजवादी छात्र सभा के छात्र संगठन में अब नीले रंग का ड्रेस कोड लागू होगा. सदस्यों को नीली कमीज और पतलून या नीली जींस और नीली टी-शर्ट पहनने के लिए कहा गया है. सभा के सदस्यों के लिए नीले रंग को ड्रेस कोड के रूप में लागू करने का फैसला सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं है बल्कि इससे कहीं अधिक है. यूपी की चुनावी राजनीति में जहां रंगों का अक्सर सामाजिक और राजनीतिक महत्व होता है, यह कदम 2027 के चुनावों से पहले समाजवादी सभा द्वारा अपने सामाजिक गठबंधन को विस्तार देने के प्रयास की ओर इशारा करता है.
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