
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Mod) शुक्रवार आगामी संसद सत्र से पहले नव-निर्वाचित एनडीए ( NDA) लोकसभा सांसदों (MPs) के साथ अपने आवास पर नाश्ता बैठक करेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक नए सांसदों के साथ परिचयात्मक संवाद का अवसर होगी, जिसमें संसदीय कार्यप्रणाली, सांसदों की जिम्मेदारियों और आगामी संसद सत्र के लिए सरकार की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक का उद्देश्य सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और संसद में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सांसदों की भूमिका पर विशेष जोर दिया जाएगा। चर्चा इस बात पर केंद्रित रहेगी कि संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सांसद किस तरह सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं और अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में कैसे उठा सकते हैं।
किन सांसदों को बैठक का निमंत्रण मिला है?
इस बैठक के लिए नव-निर्वाचित एनडीए लोकसभा सांसदों को आमंत्रित किया गया है। इनमें एनसीपीआई के वे सदस्य भी शामिल हैं, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए लोकसभा सांसदों को भी इस नाश्ता बैठक का निमंत्रण भेजा गया है।
प्रधानमंत्री की इस पहल का उद्देश्य क्या है?
यह नाश्ता संवाद सांसदों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के निरंतर संवाद कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय स्थापित करना और संसदीय कार्यवाही के दौरान सांसदों की सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
दो दिन पहले हुई बैठक में क्या हुआ था?
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 37 सांसदों के साथ भी नाश्ता बैठक की थी। यह बैठक मानसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ उनके लगातार संवाद कार्यक्रम का हिस्सा थी।
बुधवार की बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा?
अनौपचारिक माहौल में आयोजित इस बैठक में शासन, संसदीय कार्यों और संगठनात्मक समन्वय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए और कई समसामयिक विषयों पर खुलकर बातचीत की।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ था?
बुधवार की बैठक में एनसीपीआई गठबंधन से जुड़े भाजपा सांसद, आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व नेता, भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को क्या सलाह दी?
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को सलाह दी कि वे ‘दिल्ली की राजनीतिक बयानबाजी और नैरेटिव के जाल’ में उलझने से बचें और विपक्षी दलों के सांसदों के साथ भी सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखें। उन्होंने सांसदों से संसदीय कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि वे अपने समय का अधिकतम उपयोग सीखने और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करने में करें।
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