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यूक्रेनी हमलों के बाद रूस में पेट्रोल संकट गहराया, भारत से बढ़ी ईंधन आपूर्ति की मांग; रिपोर्ट में बड़ा दावा

July 16, 2026

मॉस्को/नई दिल्ली। यूक्रेन के लगातार हमलों से रूस (Russia) के कई तेल रिफाइनिंग संयंत्र प्रभावित (Oil refining plant affected) होने के बाद वहां पेट्रोल की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। इस बीच खबर है कि रूस की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों ने भारतीय रिफाइनरों  (Indian refiners)से अतिरिक्त पेट्रोल की आपूर्ति की संभावना तलाशनी शुरू कर दी है। सूत्रों के हवाले से आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत से पेट्रोल की कम से कम एक खेप रूस के लिए रवाना भी हो चुकी है, जबकि भविष्य में और आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है।

रिफाइनिंग क्षमता पर हमलों का असर

रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। इससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है और ऊर्जा कंपनियां वैकल्पिक स्रोतों से ईंधन जुटाने की कोशिश कर रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि यदि नए हमले नहीं होते हैं, तब भी रूस की प्रभावित रिफाइनिंग क्षमता का एक बड़ा हिस्सा सामान्य होने में करीब दो महीने का समय लग सकता है।

भारत से क्यों बढ़ी उम्मीद?

भारत इस समय समुद्री मार्ग से रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। यही कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों में प्रोसेस होकर विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों में बदलता है। ऐसे में रूस द्वारा भारत से तैयार पेट्रोल खरीदने की कोशिश दोनों देशों के ऊर्जा व्यापार में एक असामान्य लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

किन कंपनियों से किया गया संपर्क?

सूत्रों के अनुसार, रूस की प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट, गजप्रोम नेफ्ट और लुकोइल ने भारत की सरकारी और निजी रिफाइनिंग कंपनियों से अतिरिक्त पेट्रोल उपलब्ध कराने को लेकर संपर्क किया है। हालांकि यदि कोई सौदा होता है तो आपूर्ति सीधे कंपनियों के बीच नहीं, बल्कि ट्रेडिंग कंपनियों के माध्यम से किए जाने की संभावना है।



  • सरकारी रिफाइनरों ने जताई असमर्थता

    जानकारी के मुताबिक, भारत की तीन सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL)—से भी अतिरिक्त पेट्रोल की आपूर्ति को लेकर संपर्क किया गया था।

    हालांकि संबंधित सूत्रों का कहना है कि इन कंपनियों के पास फिलहाल निर्यात के लिए अतिरिक्त पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। इस पूरे मामले पर कंपनियों और रूस के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    कारोबारी बन सकते हैं आपूर्ति का माध्यम

    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत से रूस तक अतिरिक्त पेट्रोल की आपूर्ति जहाज से जहाज (Ship-to-Ship Transfer) के जरिए कराई जा सकती है। यदि भविष्य में यूक्रेन के हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता और प्रभावित होती है तो वह भारत से डीजल की आपूर्ति की भी मांग कर सकता है। हालांकि फिलहाल रूस के पास डीजल का पर्याप्त भंडार बताया जा रहा है।

    पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी रिपोर्ट

    इस महीने की शुरुआत में भी ऐसी रिपोर्ट सामने आई थी कि भारतीय रिफाइनर नायरा एनर्जी में तैयार पेट्रोल कारोबारियों के माध्यम से रूस पहुंचा था। नायरा एनर्जी में रूसी कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी है। हालांकि इस संबंध में संबंधित कंपनियों ने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।

    आधिकारिक स्थिति

    भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी इससे पहले कह चुके हैं कि भारतीय कंपनियां सीधे रूस को ईंधन नहीं बेच रही हैं। हालांकि उन्होंने यह संभावना जरूर जताई थी कि कारोबारी भारत में तैयार ईंधन खरीदकर आगे रूस भेज सकते हैं।

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