
सिहोरा। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, तकनीक का जमाना है, लेकिन सिहोरा नगर पालिका क्षेत्र में सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस की तीसरी आंख ही बंद होने की कगार पर है। बढ़ते शहरीकरण और वीआईपी मूवमेंट वाले इस शहर की कानून व्यवस्था का जिम्मा महज 12 सीसीटीवी कैमरों के कमजोर कंधों पर टिका हुआ है। आलम यह है कि शहर के कई मुख्य चौराहों और संवेदनशील रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है, जिससे अपराधियों को खुली चुनौती मिल रही है।
23.67 वर्ग किमी का दायरा, 62 हजार की आबादी और पहरेदार सिर्फ 12!
जबलपुर जिले के अंतर्गत आने वाली सिहोरा नगर पालिका का कुल क्षेत्रफल 23.67 वर्ग किलोमीटर है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की कुल आबादी 44,048 थी, जो वर्तमान में अनुमानित रूप से बढ़कर लगभग 62,000 तक पहुँच चुकी है। इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्रफल और तेजी से बढ़ती आबादी की सुरक्षा के लिए महज 12 कैमरे ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। जमीनी हकीकत यह है कि इन 12 कैमरों में से भी कई तकनीकी खराबी या धुंधली विजिबिलिटी के कारण सिर्फ च्शो-पीसज् बनकर रह गए हैं। शहर में होने वाली चोरी, छिनैती और सड़क हादसों के बाद जब पुलिस फुटेज खंगालने पहुंचती है, तो कई बार उन्हें मायूसी ही हाथ लगती है।
अपराधियों के लिए सेफ जोन न बन जाए सिहोरा
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस और नगर पालिका प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि पुलिस को तत्काल एक कामना शहर के नाम अभियान शुरू करना चाहिए, ताकि मुख्य सड़कों पर स्थित दुकानों और मकानों के कैमरों का रुख सड़क की ओर कराकर एक मजबूत डिजिटल किला तैयार किया जा सके। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और सिहोरा की इस धुंधली पड़ चुकी तीसरी आंख का इलाज कब होता है!
जनता की मांग:एक कैमरा शहर के नाम
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि पुलिस को जनभागीदारी को बढ़ावा देना चाहिए। आस-पास के क्षेत्रों की तरह सिहोरा में भी एक कैमरा अपने शहर के नाम जैसा अभियान चलाकर स्थानीय दुकानदारों और मकान मालिकों को अपने कैमरे सड़क की तरफ लगाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इससे पुलिस के पास एक मजबूत सर्विलांस नेटवर्क होगा और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।
इन प्रमुख चौराहों पर तुरंत है कैमरों की दरकार
पुलिस विभाग को सुरक्षा और निगरानी तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए शहर के इन बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों में तत्काल नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की सख्त आवश्यकता है। कटरा मोहल्ला चौक, नया बस स्टैंड, मैना कुआँ चौक, काल भैरव चौक, पेट्रोल पंप तिराहा, पहरेवा चौक, स्टेशन चौराहा, खितौला बस स्टैंड, इसके अलावा शहर के अन्य भारी भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील व्यावसायिक इलाकों में भी तीसरी आंख का पहरा बढ़ाना बेहद जरूरी है।
इनका कहना
शहर की सुरक्षा व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल्द ही जनभागीदारी के माध्यम से कैमरों की संख्या बढ़ाकर सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बनाया जाएगा।
मोहन्ती मरावी, एसडीओपी, सिहोरा
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