
कोलकाता । पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर राजनीतिक उठापटक तेज होती नजर आ रही है। विधायकों (MLA) के बाद अब पार्टी के कई सांसदों (Member of Parliament) के भी असंतोष जताने की खबरों ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच टीएमसी के कुछ बागी नेताओं ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) से उनके आवास पर मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल, माला रॉय, मिताली बाग और सयानी घोष शामिल रहीं। बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली।
जानकारी के मुताबिक, टीएमसी में असंतोष का दायरा अब सांसदों तक पहुंच गया है। सूत्रों के हवाले से 19 सांसदों की एक सूची सामने आई है, जिसमें अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन सांसदों ने अपने हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा है। हालांकि, इस संबंध में टीएमसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इन दावों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं। यदि 19 सांसदों के अलग होने की खबरें सही साबित होती हैं, तो यह पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।
उधर, कोलकाता में टीएमसी से निष्कासित विधायक और हाल ही में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए गए ऋतब्रत बनर्जी ने भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा के 64 विधायक उनके समर्थन में हैं और जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष को इस संबंध में पत्र सौंपा जाएगा।
ऋतब्रत बनर्जी का कहना है कि उनका गुट अलग राजनीतिक पहचान के साथ काम करेगा और पश्चिम बंगाल के हितों को प्राथमिकता देते हुए अपनी राजनीतिक दिशा तय करेगा।
गौरतलब है कि 3 जून को टीएमसी से निष्कासित किए गए ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी थी। इसके बाद से राज्य की राजनीति में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।
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