
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान श्रIndia vs Pakistan( के बीच क्रिकेट मैच (Cricket match) को लेकर दोनों देशों के बीच में राजनीति चरम रहती है। लेकिन पिछले काफी समय से दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध हाशिए पर हैं। अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच में जब क्रिकेट का मैच होता है, तो यह केवल एक खेल का आयोजन नहीं होता, बल्कि दोनों देशों को जोड़ने का तरीका होता है। हालांकि, कांग्रेस सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले कुछ समय से लगातार दोनों देशों के बीच मैच को टकराव के तौर पर देखा जाता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में लिटफेस्ट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दोनों देशों के बीच में क्रिकेट आयोजन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिकेट की दुनिया के इन दो चिर प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच होने वाले खेल में किस तरह से राजनीति घुस आई है। उन्होंने कहा कि कि राजनीति से संबंधित लोग क्रिकेट को चला रहे हैं इसलिए यह इसको प्रभावित कर रही है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम कितनी ही कोशिश कर लें लेकिन राजनीति को क्रिकेट से और क्रिकेट को राजनीति से दूर नहीं कर सकते। ऐसी कोई भी कोशिश कभी सफल नहीं हो पाई है।
हाथ न मिलाने की नीति के बारे में लिखा, परेशानी उठानी पड़ी- थरूर
मुंबई में लिटफेस्ट में अपनी बात रखते हुए कांग्रेस सांसद ने दोनों देशों के बीच में आईसीसी टूर्नामेंट के दौरान हाथ न मिलाने की परंपरा पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब यह चीज शुरू हुई, तो उन्होंने उसके बारे में लिखा था। लेकिन इसके लिए उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। थरूर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि इस परंपरा का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पहले दोनों देशों के नेता रिश्तों को बेहतर करने के लिए क्रिकेट का इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। क्योंकि दोनों देश आपस में खेलते नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब दोनों देशों के बीच में मैच होता है, तो राजनीति बीच में आ जाती है। क्रिकेट मैच को ही देशों का टकराव मान लिया जाता है।
बता दें, कांग्रेस सांसद पहले भी भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच मैच के बाद हाथ न मिलाने की परंपरा का विरोध कर चुके हैं। उनका तर्क था कि खेल की भावना और राजनीति को दूर रखना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने करगिल युद्ध के समय की याद दिलाते हुए कहा था कि भारत ने 1999 के दौर में भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेला था।
गौरतलब है कि पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसमें भारत ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया था। इस हमले के बाद पहले से खराब भारत और पाकिस्तान के खेल संबंध और भी ज्यादा खराब हो गए थे। ICC और ACC टूर्नामेंट में शामिल आने वाले दोनों देशों ने मैच के बाद और पहले हाथ मिलाने से परहेज किया। भारत में शशि थरूर समेत कई लोगों ने इसकी आलोचना की। हालांकि, सत्ताधारी भाजपा ने इसका पुरजोर समर्थन किया।
इस वाकये के बाद अब जब भी भारत और पाकिस्तान का मैच होता है, तो उसमें हाथ न मिलाने की परंपरा आगे बढ़ती है। इसके अलावा भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के गृहमंत्री और क्रिकेट प्रशासक नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था। इससे गुस्साए नकवी ट्रॉफी को अपने साथ लेकर चले गए थे। इसके बाद भारतीय टीम को बिना ट्रॉफी के ही सेलिब्रेशन करना पड़ा था।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved