
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 9 और 10 सितंबर को श्रीलंका के दौरे पर जाएंगे. इस दौरान भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर बातचीत होगी. सूत्रों के मुताबिक हिंद महासागर क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा इस दौरे के एजेंडे में सबसे अहम मुद्दों में शामिल होगी. दौरे के दौरान राजनाथ सिंह श्रीलंका के राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ मुलाकात करेंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या और रक्षा मंत्रालय के सचिव एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) संपथ थुयाकोंथा से भी मुलाकात कर सकते हैं.
सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री की यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग के लिए हुए समझौते की समीक्षा की जाएगी. यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रैल 2025 में श्रीलंका यात्रा के दौरान हुआ था. यह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर पहला व्यापक अंब्रेला MoU है. पांच साल के इस समझौते के जरिए दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार किया गया है.
भारत-श्रीलंका रक्षा समझौते में कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं:
यह समझौता पांच साल के लिए लागू है. जानकारी के मुताबिक भारत और श्रीलंका दोनों ही देश तीन महीने का नोटिस देकर इसे खत्म कर सकते हैं. वहीं आपसी सहमति से इसे तीन साल के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकता है.
राजनाथ सिंह का श्रीलंका दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ रक्षा साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहा है. श्रीलंका की भौगोलिक स्थिति हिंद महासागर में बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में भारत के लिए श्रीलंका के साथ नौसैनिक सहयोग, समुद्री निगरानी और क्षेत्रीय सुरक्षा में तालमेल बढ़ाना अहम है.
इस दौरे के जरिए दोनों देशों के बीच मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहयोग को और मजबूत करने और हिंद महासागर में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तालमेल बनाने पर जोर रहने की उम्मीद है.
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