नई दिल्ली। कार्यस्थलों पर उम्र के आधार पर होने वाला भेदभाव केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) और मार्श की संयुक्त रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि यह स्थिति नहीं बदली तो वर्ष 2040 तक ओईसीडी (OECD) देशों को करीब 500 अरब डॉलर (लगभग 47 लाख करोड़ रुपये) का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के विकसित देशों में बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि युवा कार्यबल की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी है। इसके बावजूद 55 वर्ष या उससे अधिक उम्र के अनुभवी कर्मचारियों को रोजगार के अवसर कम मिल रहे हैं या उन्हें उनकी योग्यता से कम स्तर की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
अध्ययन में कहा गया है कि बड़ी संख्या में वरिष्ठ कर्मचारी लंबे समय तक बेरोजगार रहते हैं। कई संस्थानों की नीतियां और कार्यस्थल का माहौल भी ऐसे कर्मचारियों को समय से पहले नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर कर देता है। इसका सीधा असर उत्पादकता, रोजगार और आर्थिक विकास पर पड़ रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुभवी कर्मचारियों के कौशल और अनुभव का पूरा उपयोग न होने से अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो रहा है।
रिपोर्ट में 2025 से 2040 के बीच विभिन्न देशों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभाव का भी आकलन किया गया है। अनुमान के अनुसार—
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वरिष्ठ कर्मचारियों की भागीदारी नहीं बढ़ाई गई तो इन देशों की जीडीपी पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उम्र के आधार पर होने वाला भेदभाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। अध्ययन के मुताबिक, अकेले अमेरिका में लगभग 1.7 करोड़ (17 मिलियन) लोग इस तरह के भेदभाव से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकारों और कंपनियों को ऐसी नीतियां अपनानी चाहिए, जिनसे वरिष्ठ कर्मचारियों को समान अवसर मिलें। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी कर्मचारियों के ज्ञान और कौशल का बेहतर उपयोग न केवल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक विकास, उत्पादकता और सामाजिक कल्याण को भी मजबूती देगा।
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि बढ़ती उम्र को कमजोरी नहीं, बल्कि अनुभव और विशेषज्ञता के रूप में देखने की जरूरत है। ऐसा करने से विकसित देशों को भविष्य में होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।
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