
1. अन्त कटे तो कदम रखें, मध्य कटे तो ‘डर’ बन जाऊं। खुद न चल सकू मगर राही को मंजिल पर पहुंचाऊं।
उत्तर. …..
2. अन्त कटे तो ‘सूर’ हुआ मैं, प्रथम कटा तो धूल। मुझसे ही हैं दिन और रातें, जीवन का हूँ मूल।
उत्तर. …..
3. मध्य काट कर मली गई, प्रथम काट कर छली गई। पानी में रहकर सुख भोगा, बाहर आकर तली गई।
उत्तर. …..
उत्तर मिलेंगे – रात 10 बजे
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved