
मुम्बई। तमिलनाडु भाजपा के नेता अन्नामलाई (Tamil Nadu BJP leader Annamalai) के एक बयान पर महाराष्ट्र की सियासत (Maharashtra politics) तेज हो गई है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत (Shiv Sena UBT leader Sanjay Raut) ने भाजपा पर हमला बोलते हुए पूछा कि क्या भाजपा यह कह रही है कि मुंबई महाराष्ट्र् का शहर नहीं है? यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब बीएमसी चुनाव के लिए प्रचार करने आए अन्नामलाई ने कहा, “बॉम्बे सिर्फ महाराष्ट्र का शहर नहीं है, बल्कि यह अंतर्राष्ट्रीय शहर है।” उनके इस बयान को लेकर विपक्ष ने भाजपा पर निशाना लगाया है।
इस बयान को लेकर मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने पूछा, “एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी का इस बारे में क्या कहना है? महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कहते हैं कि जब तक सूरज और चांद रहेगा मैं मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं होने दूंगा। हालांकि, आपकी दहाड़ अच्छी लगती है लेकिन आपकी पार्टी (भाजपा) के नेता यहां आते हैं और कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र का नहीं है। इसलिए उन्हें (फडणवीस) जवाब देना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “‘भाजपा के स्टार प्रचारक कह रहे हैं कि मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं है। अगर अन्नामलाई ऐसा कह रहे हैं, तो उनके खिलाफ राज्य में मामला दर्ज होना चाहिए। वह महाराष्ट्र की राजधानी के बारे में ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं? अगर भाजपा के श्री अन्नामलाई ने 1950 के दशक में संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के तहत महाराष्ट्र राज्य बनाने के लिए अपनी जान देने वाले 106 शहीदों का अपमान किया है, तो मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। श्री राउत ने पूछा, ”आपका आत्म-सम्मान कहां है?”
अन्नामलाई के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता अखिल चित्रे ने भी उनके बयान की कड़ी आलोचना की है। चित्रे ने कहा, “मुंबई का नाम और पहचान सिर्फ शब्दों की बात नहीं है बल्कि इसके पीछे मराठी लोगों का संघर्ष, बलिदान और आत्म-सम्मान है। मुंबई को जानबूझकर ‘बॉम्बे’ कहना और यह इशारा करना कि यह महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं है, मराठी अस्मिता को सीधी चुनौती है।”
भाजपा की सफाई
तमिलनाडु के पूर्व भाजपा अध्यक्ष के बयान को लेकर उठे बयान पर भाजपा की तरफ से सफाई भी आई। भाजपा के नेताओं ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से बाहर लिया गया है। इसका गलत अर्थ लगाया जा रहा है। अन्नामलाई, दुनिया में मुंबई की महत्वपूर्ण स्थिति को बताना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने शब्द गलत चुन लिए।
अन्नामलाई ने भी अपनी स्थिति की साफ करते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक या वर्तमान स्थिति पर कोई सवाल नहीं उठाया है। उनका बयान ऐतिहासिक संदर्भ में था। मुंबई आज, कल और भविष्य में महाराष्ट्र का ही हिस्सा रहेगा। दरअसल, यह विवाद इसलिए भी ज्यादा बढ़ गया क्योंकि सोशल मीडिया पर अन्नामलाई के एक क्लिप को वायरल किया गया, जिसे देखकर ऐसा लग रहा था, मानों वह कह रहे हों कि मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं है।
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