img-fluid

यमन के ताइज शहर पर सऊदी का हवाई हमला…. 13 की मौत, 10 लाख लोगों के सामने भुखमरी का संकट

October 30, 2026

सना। यमन (Yemen) के ताइज शहर (Ties City) में गुरुवार को सऊदी अरब (Saudi Arabia) के हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई. हूती विद्रोहियों (Houthi rebels) के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है. वहीं, स्थानीय अधिकारियों ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों की घेराबंदी के कारण ताइज शहर में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है. खाने-पीने की चीजों, पानी और रसोई गैस की भारी किल्लत के बीच शहर के करीब 10 लाख लोगों के सामने गंभीर मानवीय संकट खड़ा हो गया है।

ताइज के गवर्नर नबील शमसान ने एक ब्रीफिंग में कहा, ‘शहर में भुखमरी की स्थिति बन चुकी है.’ उन्होंने बताया कि वह यह बयान मोर्चे से महज एक मील की दूरी पर दे रहे हैं। गवर्नर शमसान के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने शहर के बाहर स्थित पानी के आखिरी स्रोत पर भी कब्जा कर लिया है. इसके कारण ताइज को अब उसकी जरूरत के मुकाबले बेहद कम पानी मिल रहा है. शहर में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है. इसकी वजह से रेस्तरां बंद करने पड़े हैं और परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ियां जलाने को मजबूर हैं. अस्पतालों में मरीजों के लिए ऑक्सीजन का भंडार भी लगभग खत्म हो चुका है।


  • विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बताया कि वह ताइज में मानवीय सहायता पर निर्भर छह लाख से अधिक लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इसके अलावा गेहूं के आटे का भंडार भी लगभग समाप्त हो गया है।

    अक्टूबर की शुरुआत से अब तक 271 लोगों की मौत
    गवर्नर नबील शमसान के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से 271 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 1,129 लोग घायल हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बचाव कार्य में लगे लोगों और एंबुलेंस को भी निशाना बनाया जा रहा है. शमसान ने कहा, ‘जिन लोगों को बचाया जा सकता है, उन पर भी गोलाबारी की जाती है या स्नाइपर एंबुलेंस को निशाना बनाते हैं. हमें एक आम नागरिक की कार को एंबुलेंस की तरह इस्तेमाल करना पड़ा, लेकिन उस पर भी हमला किया गया.’

    ह्यूमन राइट्स वॉच ने जताई युद्ध अपराध की आशंका
    मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने गुरुवार को कहा कि अक्टूबर की शुरुआत से जारी ताइज की घेराबंदी युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है, क्योंकि युद्ध के दौरान नागरिकों को भूखा रखना युद्ध के तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. ह्यूमन राइट्स वॉच की यमन शोधकर्ता निकू जाफरनिया ने कहा कि हूती विद्रोही ताइज की घेराबंदी के जरिए नागरिकों के सामने पैदा हुए मानवीय संकट को उचित नहीं ठहरा सकते.

    हूती नेता ने घेराबंदी के आरोपों को किया खारिज
    दूसरी ओर, हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने ताइज की घेराबंदी की खबरों को खारिज किया है. उन्होंने इन आरोपों को ‘सऊदी अरब द्वारा गढ़े गए दावे’ बताया. हूती नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर गुरुवार को प्रसारित संबोधन में उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री और मानवीय जरूरतों की आपूर्ति के लिए रास्ते खुले हैं. उनका दावा है कि हूती लड़ाके केवल उन हथियारों की आपूर्ति रोक रहे हैं, जो उनके मुताबिक सऊदी समर्थित मिलिशिया तक पहुंचाए जा रहे हैं.

    अगस्त से अब तक 1.24 लाख विस्थापित ताइज पहुंचे
    यमन के दूसरे हिस्सों में जारी संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग ताइज पहुंच रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक, अगस्त से अब तक करीब 1.24 लाख विस्थापित लोगों ने ताइज में शरण ली है. इससे शहर के पहले से सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है. यमन में 2014 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना समेत देश के उत्तरी हिस्से के बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को निर्वासन में जाना पड़ा।

    ताइज तभी से संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. शहर के मध्य हिस्से पर सरकारी बलों का कंट्रोल है, जबकि आसपास की सड़कों पर हूती विद्रोहियों का कब्जा है।

    Share:

  • डिजिटल ठगी के मामलों में तय हो बैंकों की जवाबदेही....गलती पाए जाने पर करनी पड़ेगी भरपाई: SC

    Fri Oct 30 , 2026
    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) और साइबर धोखाधड़ी (Cyber ​​fraud) के मामलों में यदि वित्तीय संस्थानों (Financial Institutions) की लापरवाही सामने आती है तो पीड़ितों के नुकसान की भरपाई बैंकों को ही करनी होगी। ऐसे मामलों में बैंकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। शीर्ष […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved