
बैतूल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल (Betul) में एक प्राइवेट स्कूल (Private School) की बिल्डिंग पर बुलडोजर (Bulldozer) कार्रवाई के बाद से हंगामा मचा हुआ है. ढाबा गांव में बने इस स्कूल के भवन को लेकर ग्राम पंचायत की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है. लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस भवन को बिना अनुमति निर्माण बताते हुए पंचायत द्वारा आंशिक रूप से गिराया गया. भवन निर्माण को लेकर गांव में मदरसा बनने की अफवाह भी फैली थी, जबकि भवन स्वामी ने स्कूल संचालन की अनुमति के लिए आवेदन किया हुआ है.
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक निर्माण को लेकर की गई पंचायत की कार्रवाई अब प्रशासनिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गई है. ढाबा गांव में बनाए जा रहे एक स्कूल भवन को अवैध निर्माण मानते हुए ग्राम पंचायत ने उसका कुछ हिस्सा तोड़ दिया. भवन स्वामी का कहना है कि यह कदम नियमों की पूरी जानकारी न होने के कारण उठाया गया और इसे गलत तरीके की कार्रवाई बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, ढाबा गांव निवासी अब्दुल नईम द्वारा गांव के बच्चों को शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक स्कूल भवन का निर्माण कराया जा रहा था, जिस पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए गए. नईम का कहना है कि उन्होंने स्कूल संचालन के लिए संबंधित विभागों में आवेदन भी किया था, लेकिन निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी.
इसी बीच गांव में यह चर्चा फैल गई कि यहां किसी धार्मिक संस्था से जुड़ा निर्माण किया जा रहा है. इस अफवाह के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और ग्राम पंचायत ने इसे बिना अनुमति किया गया निर्माण मानते हुए पंचायत राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया. नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत द्वारा भवन का एक हिस्सा हटाने की कार्रवाई की गई. इस कदम से नाराज अब्दुल नईम ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. उनके समर्थन में कांग्रेस नेता हेमंत बागडरें सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved