
जबलपुर। गोकलपुर रांझी इलाके में रेलवे सुरक्षा बल ने रविवार की रात को एक बड़ी घेराबंदी करते हुए रेल पटरियां और तांबे के कीमती तार चोरी करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। सतपुला साइडिंग के पास से आरपीएफ ने बरेला निवासी दिनेश उर्फ भूत चौधरी और गोरा बाजार निवासी लोकेश उर्फ हर्ष सिंह थापा को चोरी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बल ने उखरी चौराहा पर दबिश दी और चोरी का सरकारी लोहा खरीदने वाले कबाड़ी को भी दबोच लिया। आरपीएफ ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ रेल संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम 1966 की धारा 3 के तहत केस दर्ज कर भारी मात्रा में चोरी गई रेल सामग्रियां बरामद की हैं।
इंजन के पास संदिग्ध गतिविधि देख चौकन्ने हुए जवान
रेलवे की कीमती संपत्तियों की निगरानी के लिए आरपीएफ की टीम गोकलपुर रांझी क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान उपनिरीक्षक अरविंद सिंह और आरक्षक हरीकेश दुबे को सतपुला साइडिंग पर खड़े एक रेल इंजन के पास दो युवक संदिग्ध रूप से छिपे दिखे। जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत घेराबंदी की और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद रेलवे के सामान की तस्करी के इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया।
पहली खेप खपाने के बाद बड़े मुनाफे के लिए लौटे थे चोर
पकड़े गए दोनों शातिर चोरों ने स्वीकार किया कि उन्होंने उसी सुबह रेलवे परिसर में घुसकर रेल लाइन के 2 टुकड़े उखाड़े थे और एक ऑटो की मदद से उखरी चौराहा के कबाड़ी को बेच आए थे। पहली खेप से तुरंत पैसा मिलने के बाद उनका लालच बढ़ गया और वे उसी दिन दोबारा बड़े माल पर हाथ साफ करने पहुंच गए। इस बार उनकी नजर खड़ी ट्रेनों के कोच और इंजन के कीमती पुर्जों पर थी।
कबाडख़ाने पर छापे में बरामद हुए सरकारी पुर्जे और तार
जिस वक्त आरपीएफ ने चोरों को पकड़ा, वे कॉपर वायर का 1 बंडल और रेल लाइन के 3 टुकड़े निकाल चुके थे। आरोपियों के कबूलनामे के तुरंत बाद उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह ने अपनी विशेष टीम के साथ उखरी चौराहा स्थित कबाड़ की दुकान पर धावा बोल दिया। कबाड़ी ने पुलिस के सामने चोरी की पटरी खरीदने की बात मान ली, जिसके बाद दुकान के अंदर छिपाकर रखा गया रेलवे का सामान जब्त कर लिया गया।
सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के तहत सख्त मुकदमा दर्ज
रेलवे पुलिस ने चोरी की गई सभी पटरियों और तांबे के तारों को अपने कब्जे में ले लिया है। पकड़े गए दोनों चोरों और अवैध माल खरीदने वाले कबाड़ी को जेल भेज दिया गया है। इन तीनों के खिलाफ रेल संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम 1966 की धारा 3 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरपीएफ अब इस बात का पता लगा रही है कि इस कबाडख़ाने से जुड़े और कौन से अपराधी इस रैकेट का हिस्सा हैं।
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