वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) में सोने और चांदी (Gold and silver) पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से दूरी बना रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में सोने ने पिछले करीब 10 वर्षों की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट दर्ज की है।
जनवरी 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने वाला सोना अब अपने उच्चतम स्तर से 25 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। गुरुवार को भी कॉमेक्स (Comex) पर सोना 17 डॉलर की गिरावट के साथ 4,030 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी भी कमजोर रही और इसकी कीमत घटकर 57 डॉलर प्रति औंस रह गई।
चांदी की कीमतों में जून तिमाही के दौरान 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो जून 2022 के बाद सबसे बड़ी तिमाही कमजोरी मानी जा रही है। जनवरी में 117 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची चांदी अब 50 प्रतिशत से अधिक फिसलकर 57 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।
वैश्विक बाजार की कमजोरी का असर घरेलू सर्राफा बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। जनवरी में करीब 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने वाला सोना अब घटकर करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। यानी भारतीय बाजार में भी इसकी कीमत लगभग 25 प्रतिशत तक गिर चुकी है।
विश्लेषकों के अनुसार, कीमती धातुओं में गिरावट की दो प्रमुख वजहें हैं। पहली, पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर बने तनाव में कमी आने से सुरक्षित निवेश की मांग घटी है। दूसरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने बाजार की धारणा बदल दी है। फेड ने संकेत दिए हैं कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए आने वाले महीनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। बाजार को उम्मीद है कि सितंबर की शुरुआत में फेड दरें बढ़ाने का फैसला ले सकता है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा गुरुवार शाम जारी कीमतों के अनुसार—
दिनभर की भारी बिकवाली के बाद कारोबारी सत्र के अंतिम चरण में बुलियन बाजार में मामूली सुधार भी देखने को मिला। बंद होते समय 24 कैरेट सोना 1,43,330 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 1,31,386 रुपये, 20 कैरेट 1,19,442 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,07,498 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी भी कुछ संभलते हुए 2,21,730 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती और डॉलर में मजबूती बनी रहती है, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और दबाव जारी रह सकता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved