
नई दिल्ली । ‘बंटवारा 1947’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म की पूरी स्टारकास्ट (Cast) एक साथ मंच पर नजर आई, जहां फिल्म से जुड़े कई भावनात्मक अनुभव भी साझा किए गए। इस मौके पर अभिनेत्री शबाना आजमी (Shabana Azmi) ने शूटिंग (Shooting) के दौरान फिल्म के एक ऐसे दृश्य का जिक्र किया, जिसने उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहराई तक प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि उस कठिन पल में अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) ने जिस तरह उनका साथ दिया, वह उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। बंटवारा 1947 (Partition 1947)
शबाना आजमी ने कहा कि फिल्म में एक दृश्य ऐसा था जिसमें उनके किरदार के साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार दिखाया गया है। इस दृश्य में उन्हें घसीटा जाता है और उनका कुर्ता फट जाता है। उन्होंने बताया कि अभिनय करते हुए भी वह पल उनके लिए केवल एक दृश्य नहीं था, बल्कि एक इंसान के तौर पर बेहद असहज और भावनात्मक अनुभव बन गया। उन्हें लगा कि उन्होंने शायद ही कभी खुद को इतना बेबस और सम्मानहीन महसूस किया हो।
उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही उस दृश्य की शूटिंग पूरी हुई, सनी देओल तुरंत उनके पास आए और उन्होंने उनके ऊपर दुपट्टा रख दिया। शबाना के अनुसार उस समय सनी केवल उनके सह-कलाकार नहीं थे, बल्कि एक बेटे की तरह उनके सामने खड़े थे। उन्होंने कहा कि उस पल सनी ने उन्हें सुरक्षा और सम्मान का एहसास कराया। भावुक होते हुए उन्होंने सनी को गले लगाया और उनका आभार व्यक्त किया कि वह उस कठिन क्षण में उनके साथ मौजूद थे।
इस अवसर पर सनी देओल ने भी शबाना आजमी के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पहली बार उनके साथ स्क्रीन साझा करना बेहद खास रहा। उनके अनुसार फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच ऐसा अपनापन बन गया था कि उन्हें अभिनय करने का एहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता था मानो वह सचमुच मां और बेटे का रिश्ता निभा रहे हों। सनी ने यह भी दोहराया कि उन्होंने इस फिल्म को अपनी मां और दुनिया की सभी माताओं को समर्पित किया है।
फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बताया कि ‘बंटवारा 1947’ को पर्दे तक लाने का सफर बेहद लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि इस कहानी से उनका जुड़ाव करीब दो दशक पहले हुआ था। वर्ष 2009 में एक नाटक पढ़ने के बाद उन्होंने इस विषय पर फिल्म बनाने का विचार किया और 2010 से इस परियोजना पर लगातार काम शुरू किया। हालांकि विभिन्न कारणों से फिल्म लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी।
राजकुमार संतोषी ने बताया कि बाद में उन्होंने यह कहानी सनी देओल को सुनाई, जिन्होंने इसमें गहरी रुचि दिखाई और पूरे समर्पण के साथ इस परियोजना का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक आवश्यक सहयोग नहीं मिलने के कारण फिल्म का निर्माण टलता रहा। बाद में अभिनेता आमिर खान ने भी कहानी सुनी, उसे पसंद किया और फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। निर्देशक ने इसके लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया।
सनी देओल ने राजकुमार संतोषी के साथ अपनी लंबे समय की रचनात्मक साझेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों जब भी किसी कहानी पर साथ काम करते हैं तो पूरी ईमानदारी और उत्साह के साथ उसे बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। कई बार विचारों में मतभेद और रीटेक भी होते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम हमेशा संतोषजनक होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘बंटवारा 1947’ भी दर्शकों के बीच अपनी भावनात्मक कहानी और दमदार प्रस्तुति के कारण खास पहचान बनाएगीं
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