
नई दिल्ली. वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrolog) के अनुसार शनि देव (Shanidev ) को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है. 13 मार्च (March 13) 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक शनि अस्त (Set) अवस्था में रहेंगे. जब कोई ग्रह अस्त होता है तो उसका प्रभाव कुछ समय के लिए कमजोर हो जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान कुछ राशियों को राहत और सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. खासकर जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का असर चल रहा है, उन्हें थोड़ी राहत महसूस हो सकती है. आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि का अस्त होना राहत देने वाला माना जा रहा है. साढ़ेसाती का दबाव कुछ कम महसूस हो सकता है. खर्चों पर नियंत्रण करना आसान होगा और आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा. जो काम काफी समय से अटके हुए थे, उनमें भी अब गति आ सकती है. स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों में भी कमी देखने को मिल सकती है. विदेश से जुड़े कामों में भी सफलता मिलने के संकेत हैं.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है. लंबे समय से रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे. नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. आपके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और किसी बड़ी डील या नए प्रोजेक्ट की संभावना भी बन सकती है.
धनु राशि
धनु राशि के लोगों को इस समय शनि ढैय्या से कुछ राहत मिल सकती है. लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हो सकती है. कुल मिलाकर यह समय आपके लिए धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए भी यह समय लाभदायक रह सकता है. साढ़ेसाती के असर से कुछ हद तक राहत मिल सकती है. मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं. संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिलने के योग बन रहे हैं. इसके अलावा विदेश से जुड़े कामों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.
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