
उज्जैन। इमरजेंसी से निपटने के लिए स्मार्ट सिटी ने शहर में 75 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए है, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में कुछ स्थानों पर यह बंद पड़े हैं। नतीजतन, सड़क पर किसी तरह की आपातस्थिति होने पर इन कॉल बॉक्स की मदद लोगों को नहीं मिल पा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि शहर में कितने इमरजेंसी कॉल बॉस बंद है और कितने चालू…यह स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को भी नहीं पता हैं।
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के करीब 75 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए है। इसकी मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी में बने कमांड एंड कंट्रोल ऑफिस से की जाती है। सड़क पर किसी तरह की आपातस्थिति होने पर इन कॉल बॉक्स के माध्यम से मदद ली जा सकती है लेकिन जानकारी के अभाव व इसका इस्तेमाल सही से नहीं आने के कारण सड़कों पर लगाए गए इमरजेंसी कॉल बॉक्स सिर्फ शोपिस बन कर रह गए हैं। वहीं कुछ स्थानों पर यह बंद पड़े हैं। इसके पीछे वजह है कॉल बॉस का समय समय पर मेंटेनेंस नहीं होना है। वहीं इसके उपयोग को लेकर भी लोगों में जानकारी की कमी। विभाग इसके बारे में लोगों को जानकारी दे तो इमरजेंसी कॉल बॉक्स का सही उपयोग हो सकेगा। बता दें कि पिछले दो सालों में एक-दो लोगों ने ही इस स्मार्ट डिवाइज का उपयोग किया हैं। जबकि इमरजेंसी जैसी स्थिति कई बार बनी हैं, लेकिन पीडि़त व्यक्तियों ने या तो फोन पर या फिर स्वयं थाने जाकर पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी।
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