
जबलपुर। मंगलवार की शाम मालवीय चौक का इलाका अचानक से राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया जब दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इस अचानक हुए उग्र प्रदर्शन का नेतृत्व मंदसौर की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा और आलोक मिश्रा कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया और पुलिस तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सीधी भिड़ंत शुरू हो गई। स्थिति तब और अधिक बिगड़ गई जब पुलिस ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया।
झड़प के बाद माहौल गरम
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच का तनाव उस समय अपनी पराकाष्ठा पर पहुंच गया जब झड़प ने हाथापाई का रूप ले लिया। वायरल वीडियो के मुताबिक कोतवाली टीआई और कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा के बीच तीखी झूमाझपटी हुई जबकि लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य द्वारा कार्यकर्ताओं के पोस्टर छीनने के प्रयास ने विवाद को और अधिक हवा दे दी। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर अनावश्यक बल प्रयोग का आरोप लगाया है जिससे शहर की राजनीतिक सरगर्मी पूरी तरह तेज हो गई है।
वाटर कैनन से घमासान शांत
हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद जाकर कहीं प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम हुई और माहौल शांत हो सका। हालांकि इसके बावजूद किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए देर रात तक मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका
अचानक हुए इस जोरदार प्रदर्शन के कारण व्यस्त मालवीय चौक कुछ ही मिनटों में पुलिस छावनी में बदल गया। राहुल गांधी पर हुई कार्रवाई के विरोध में उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और खाकी के बीच प्रधानमंत्री का पुतला दहन को लेकर तीखी झड़प हुई। देखने के लिए सड़क पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा जिससे चारों तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और पुलिस को तुरंत हरकत में आकर रूट डायवर्ट करना पड़ा ताकि स्थिति को किसी तरह संभाला जा सके।
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