
ज्योतिषशास्त्र (Astrology) में कुल नौ ग्रह हैं। इनमें से सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है जबकि मंगल को सभी ग्रहों का सेनापति का दर्जा दिया गया है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल और सूर्य की युति को बेहद शुभ माना जाता है। सूर्य आत्मा का कारक ग्रह है। साथ ही यह सिंह राशि के स्वामी है और मेष राशि (Aries) में यह उच्च होते हैं, जबकि तुला इनकी नीच राशि है। सूर्य और मंगल 16 सितंबर से कन्या राशि में साथ में संचार करेंगे। यह दोनों ग्रह 16 अगस्त से 6 सितंबर तक सिंह राशि में साथ में रहे हैं। कन्या राशि(Virgo sun sign) में सूर्य और मंगल की युति बनने से कुछ राशि वालों को जबरदस्त फायदा होगा और कुछ राशि वालों को सावधान रहना होगा। वैदिक ज्योतिष धारणा के अनुसार, जानें किन राशियों को होगा लाभ-
वृषभ-
सूर्य और मंगल (sun and mars) आपके पांचवें भाव में 16 सितंबर को युति करेंगे। ग्रहों की गोचर अवधि में आपको शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। शिक्षा के क्षेत्रों में आपको सफलता मिल सकती है। अपने उत्साह और पराक्रम से समाज में प्रभाव डालेंगे। हालांकि आपको लव लाइफ में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्क–
कर्क राशि (Crab) के जन्म कुंडली में सूर्य और मंगल का गोचर तृतीय भाव में होगा। इस दौरान आप कोई भी नया काम शुरू कर सकते हैं, जिसमें लाभ होने की संभावना है। इस दौरान व्यापारियों को मुनाफा मिल सकता है। नौकरीपेशा करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में फायदा मिलेगा।
तुला-
सूर्य और मंगल की युति आपके द्वादश भाव में होगी। ज्योतिष में द्वादश भाव को शुभ नहीं माना जाता है लेकिन सूर्य और मंगल जैसे ग्रह इस भाव में शुभ परिणाम प्रदान करते हैं। तुला राशि वालों को मंगल-सूर्य(mars-sun) की युति से लाभ मिलेगा। विदेश से जुड़े कारोबार करने वालों को अच्छा मुनाफा हो सकता है।
धनु–
दशम भाव में सूर्य और मंगल की युति आपको जबरदस्त लाभ दिला सकती है। इस दौरान आपको करियर में सफलता प्राप्त होगी। इस राशि के जातकों को पदोन्नति मिल सकती हैं। पिता के साथ वाद-विवाद हो सकता है। वाणी में कंट्रोल रखें
नोट– उपरोक्त दी गई जानकारी व सूचना सामान्य उद्देश्य के लिए दी गई है। हम इसकी सत्यता की जांच का दावा नही करतें हैं यह जानकारी विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, धर्मग्रंथों, पंचाग आदि से ली गई है । इस उपयोग करने वाले की स्वयं की जिम्मेंदारी होगी ।
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