
डेस्क। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन की व्यापक जीत विश्वास जताया है। जिसका कारण उन्होंने चुनाव प्रचार कार्यक्रमों के दौरान मिली जबरदस्त जन प्रतिक्रिया को बताया। डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पहले 200 से अधिक सीटों पर जीत का अनुमान लगाया था। हालांकि, कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र से डीएमके उम्मीदवार स्टालिन ने कहा कि जनता के मौजूदा समर्थन और भारी भीड़ को देखते हुए अब सभी 234 सीटों पर जीत संभव लग रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विपक्षी ताकत उन्हें हराने में सक्षम नहीं होगी। इसके साथ ही कहा कि गठबंधन अपने प्रतिद्वंद्वियों के बारे में चिंतित नहीं है। स्टालिन ने कहा, ‘जनता का मौजूदा समर्थन और भारी जनभागीदारी सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में संभावित जीत का संकेत दे रही है। हमारा धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन तमिलनाडु में विजयी होगा। चाहे कितनी भी पार्टियां हमारे खिलाफ एकजुट हो जाएं, कोई भी सफल नहीं हो सकता।’
अपने बार-बार दोहराए गए ‘तमिलनाडु बनाम दिल्ली’ वाले बयान पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, स्टालिन ने आरोप लगाया कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुन्नेत्र कजगम ‘दिल्ली के हाथों गिरवी रखा हुआ है’ और उसका गुलाम बन गया है। इसलिए लड़ाई तमिलनाडु और दिल्ली के बीच है। यह चिंता और निराशा का विषय है कि एक द्रविड़ पार्टी इस स्थिति में पहुंच गई है,’ विजय समेत फिल्म अभिनेताओं का पीछा करते हुए कथित तौर पर लापरवाही भरे व्यवहार में लिप्त युवाओं से जुड़ी घटनाओं पर स्टालिन ने कहा कि राज्य भर में लोग ऐसी दुर्घटनाएं देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘लोग इसे देख रहे हैं और वे इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।’
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान एक ही चरण में 23 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को निर्धारित है। मुख्य मुकाबला डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच होने की संभावना है। एसपीए में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, डीएमडीके और वीसीके शामिल हैं, जबकि एनडीए में भाजपा और पीएमके सहयोगी हैं। अभिनेता से राजनेता बने विजय भी टीवीके के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
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