
दरभंगा। भारत-चीन (Indo-China) जंग (war) के दौरान भारत सरकार (Government of India) की अपील पर अपने खजाने के द्वार खोलकर करीब 600 किलो सोना (600 kg of gold) सरकार को दान देने वाली दरभंगा राजवंश की विरासत की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी पंचतत्व में विलीन हो गईं। हालांकि पारिवारिक विवाद के चलते अंतिम यात्रा से पहले उनके महल में परिजनों के बीच मारपीट तक हो गई।
परिजनों की मारपीट के बीच अंतिम संस्कार
हालांकि अंतिम यात्रा से पहले महारानी के आवास पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पारिवारिक विवाद के चलते बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया था। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प देखी गई। झगड़े का कारण संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग किया। इस मारपीट को लेकर पूरे शहर में जहां चर्चा है, वहीं राजघराने द्वारा किए गए अच्छे काम भी विवादों में आ गए।
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