
पनागर। नगर में चातुर्मास कर रहे पूज्य मुनि श्री 108 संत शिरोमणि विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनिश्री निर्दोष सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में प्रतिदिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुनि संघ के दर्शन और प्रवचन का लाभ लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री निर्दोष सागर महाराज ने मनुष्य पर्याय की दुर्लभता को समझाते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में दिमाग सदैव ठंडा, वाणी में मधुरता, आंखों में लज्जा और हृदय में दया रखनी चाहिए। जो प्राणी प्रभु और गुरु की शरण में रहता है, उसका शीघ्र ही आध्यात्मिक उत्थान होता है और वह मोक्ष पद की ओर अग्रसर होता है। प्रवचन से पूर्व भगवान श्री 1000 शांतिनाथ स्वामी जी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सानंद संपन्न हुए। कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन प्रबंधकारिणी सभा के उपाध्यक्ष संतोष जैन चौधरी ‘कल्लू भैयाÓ के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि संचालन राहुल बड़कुल ने किया।