
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के कई नायक हैं. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई रैलियां की तो गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने पूरे चुनाव की प्लानिंग अपनी देखरेख में करवाई. इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता समेत तमाम मुख्यमंत्री, सांसद, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने अपने स्तर से पूरा जोर लगाया है. इन तमाम बड़े नेताओं के बीच बिहार बीजेपी के एक बड़े नेता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने में खास रोल निभाया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को राज्य का प्रभारी नियुक्त किया. मंगल पांडेय ने बंगाल में विजयी पताका फराने के लिए अपने स्तर पर हर किस्म का जोर लगाया. बंगाल में किस नेता को क्या जिम्मेवारी दी जाए, किस सीट पर कौन सा प्लान चलेगा जैसे तमाम कार्यों को मंगल पांडेय ने अपने स्तर पर जमकर कार्य किया.
साल 2017 में मंगल पांडेय को हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रभारी बनाया गया था. उस वक्त वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह की सरकार थी. ऐसे में मंगल पांडेय ने हिमाचल में बतौर प्रभारी शानदार काम किया और बीजेपी की जीत सुनिश्चित की थी. हाल उस वक्त भी मंगल पांडेय से जब पत्रकारों जीत को लेकर पूछा था तो उन्होंने इसका श्रेय अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को दिया था.
बिहार की राजनीति में मंगल पांडेय की छवि चुप्पा नेता के रूप में होती है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मदद से राजनीति में आए मंगल पांडेय ज्यादा बयान देने के बजाय काम करने में विश्वास रखते हैं. मंगल पांडेय कम ही मौको पर मीडिया के कैमरों पर अपनी बात रखते दिखते हैं. उनकी पहचान संगठन के नेता के रूप में होती है. पहले उन्होंने विधान परिषद के जरिए बिहार में कई बार स्वास्थ्य मंत्रालय जैसा अहम मंत्रालय संभाला. 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें सिवान विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया. तब भी मंगल पांडेय ने बिना किसी शोरगुल के अपना चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की.
मंगल पांडेय विधानसभा में भी ज्यादा बोलने से बचते रहे हैं, जिसके चलते विपक्षी नेता तेजस्वी यादव इनका नाम लेकर कई तरह के तंज भी कसते रहे हैं. चुनाव से ठीक पहले जनसुराज नेता प्रशांत किशोर ने भी इनपर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन मंगल पांडेय इस पर पलटवार करने के बजाय चुपचाप अपना काम को अंजाम तक पहुंचाने को प्रयोरिटी दी. मंगल पांडेय पहले खुद विधानसभा का चुनाव जीते और उसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी को प्रचंड जीत दिलाने में अहम रोल निभाया.
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