
- गणेश प्रतिमाएं तेजी से हो रही हैं तैयार, 25 को होगा विसर्जन-झाँकियों का निर्माण भी शुरू हुआ
उज्जैन। इस बार गणेशोत्सव 10 की बजाय 12 दिन तक मनाया जाएगा। 14 सितम्बर को गणेशजी की स्थापना शहरभर में धूमधाम से होगी, जिसकी तैयारी जोर-शोर से जारी है। मिट्टी की छोटी प्रतिमाओं से लेकर बड़े आकार की प्रतिमाओं का भी साज-शृृंगार किया जा रहा है, वहीं गणेश विसर्जन यानी अनंत चतुर्दशी 25 सितम्बर को है। यानी स्थापना और विसर्जन के दिनों को मिलाकर कुल 12 दिनों तक यह उत्सव चलेगा। तिथियों की घट-बढ़ के बाद कई वर्षों बाद इस तरह का संयोग आया है।
शहर के चिंतामण, बड़े गणेश और अन्य मंदिर में भी उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से जारी है, वहीं शहरभर में छोटे-बड़े कई पंडाल बनेंगे, जहां विविध धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन होंगे। उज्जैन में 100 साल से भी अधिक पुरानी झांकियों को निकालने की भी परम्परा रही है, जिसके चलते वर्षों पूर्व बंद हो चुकी मिलों की झांकियाँ भी बंद हो चुकी हैं। नगर निगम और प्राधिकरण, कृषि उपज मंडी, दुग्ध संघ सहित कुछ संगठन झांकी निर्माण करते हैं। अनंत चतुर्दशी की रात शहर में झांकियों का कारवां गुजरता है, जिसको लेकर नगर निगम ने भी गड्ढे भरने, खतरनाक मकानों को हटाने और उन पर नोटिस बोर्ड लगाने के साथ-साथ अब सफाई-बिजली व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है, तो पुलिस प्रशासन भी इस साल के सबसे बड़े जलसे की तैयारियों में जुट गया है। 14 सितम्बर को गणपतिजी की स्थापना के साथ 12 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। शहरभर के गली-मोहल्लों, प्रमुख क्षेत्रों-बाजारों और अन्य जगह ये उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। लगभग 9 साल बाद पंचांग में तिथियों के मेल और घट-बढ़ के कारण इस तरह का संयोग बना है। वैसे तो गणेशोत्सव 10 दिन का ही रहता है और इस बार दो दिन और अतिरिक्त बढ़ रहे हैं। 14 सितम्बर को चिंतामण गणेश मंदिर में भी सबसे अधिक भीड़ दर्शनार्थियों की रहेगी, जिसके चलते ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर अन्य प्रबंध भी किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने पीओपी प्रतिमाओं के निर्माण पर रोक भी लगाई है, वहीं मिट्टी के गणेश भी बड़ी संख्या में बनने लगे हैं। बड़ी गणेश प्रतिमाओं को भी कारीगरों द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा शृंगार-सजावट की जा ही है। ये बड़ी प्रतिमाएं प्रमुख स्थानों-चौराहों और अन्य जगह होने वाले गणेशोत्सव के आयोजनों में स्थापित की जाती है।