
उज्जैन। हरिद्वार, नासिक तथा उज्जैन में होने वाले महाकुंभ की सफलता के लिए अभा अखाड़ा परिषद के महामंत्री ने महाकाल मंदिर पहुँचकर पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने सोमवार को श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में विशेष पंचामृत अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शर्करा और शहद से पंचामृत अभिषेक कर उन्होंने देश में सनातन संस्कृति के सबसे बड़े पर्व महाकुंभ के निर्विघ्न, शांतिपूर्ण और दिव्य-भव्य आयोजन की कामना की। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया। 2027 में हरिद्वार और नासिक में तथा 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इससे पूर्व श्रावण मास में सन्यास परंपरा के अनुसार हरिद्वार में चातुर्मास प्रवास के दौरान उन्होंने कुंभ मेले की सफलता के लिए विशेष अनुष्ठान, रुद्राभिषेक और हवन-पूजन किया था। महाकाल दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद का लक्ष्य है कि आगामी तीनों कुंभ पर्व सनातन परंपरा के अनुरूप दिव्य और भव्य हों और इसमें शासन-प्रशासन तथा अखाड़ों के बीच बेहतर समन्वय हो। इस सिलसिले में वे जल्द ही मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान महंत नीलकंठ गिरि, गोविंद सोलंकी, डॉ. राहुल कटारिया, चंदन पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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