नई दिल्ली। दाऊदी बोहरा समुदाय (Daudi Bohra Community) के उत्तराधिकार विवाद में फैसला देने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीएस पटेल (GS Patel) और उनके परिवार को कथित तौर पर लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले में पूर्व जज की बेटी अदिति पटेल को लंदन में धमकी भरा गुमनाम पत्र मिलने और उन पर हमले की घटना सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, 5 जून को अदिति पटेल को लंदन में एक अज्ञात पत्र भेजा गया, जिसमें गंभीर धमकी दी गई। पत्र में दावा किया गया कि उनके और उनके परिवार को निशाना बनाने के लिए एक गिरोह को भुगतान किया गया है। इसके साथ एक चिप भी भेजी गई, जिसमें कथित तौर पर आदेश न मानने के परिणाम दिखाए गए थे।
बताया जा रहा है कि न्यायमूर्ति जीएस पटेल ने वर्ष 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। इसके बाद से सितंबर 2025 से उनके परिवार को धमकी मिलने का सिलसिला शुरू होने की बात कही जा रही है।
मुंबई स्थित घर पर भी पहुंचा धमकी भरा पत्र
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई स्थित आवास पर न्यायमूर्ति पटेल की पत्नी को भी एक पत्र मिला, जिसमें खुद को दाऊदी बोहरा समुदाय के कुछ प्रभावशाली सदस्यों का समूह बताते हुए धमकी दी गई। पत्र में यह भी दावा किया गया कि लंदन में हुई घटनाओं के पीछे उसी गिरोह का हाथ है।
इससे पहले अदिति पटेल के लंदन स्थित घर में कथित सेंधमारी की घटना की जिम्मेदारी लेने का भी दावा किया गया। वहीं, 22 अप्रैल को उन पर एक नकाबपोश द्वारा हमले की बात सामने आई, जिसमें उनकी नाक टूटने की सूचना है।
पूर्व जज बोले- ऐसी स्थिति रही तो कौन न्यायाधीश बनेगा
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीएस पटेल ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी जानकारी दी है और उन्हें सहयोग मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि यदि न्यायाधीशों और उनके परिवारों को फैसलों के कारण इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़े, तो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों से निष्पक्ष और बिना किसी भय के फैसले देने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यदि उनके परिवारों की सुरक्षा ही खतरे में पड़ जाए तो भविष्य में कौन न्यायाधीश बनने को तैयार होगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved